कतर के अमीर ने खाड़ी के चार पड़ोसी देशों के साथ विवादों को बातचीत से निपटाने का आह्वान किया है। सऊदी अरब, मिस्र, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात की ओर से आर्थिक नाकाबंदी के बाद कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी का ये पहला बयान है।
कतर के इन चार पड़ोसी देशों ने उस पर आतंकवादी समूहों का समर्थन करने का आरोप लगाया था और इसी बुनियाद पर संबंध तोड़ लिए थे। कतर के अमीर ने कहा कि उसकी घेराबंदी के बाद भी जनजीवन पहले की तरह चल रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि कतर किसी बाहरी दबाव की वजह से आतंकवाद से नहीं लड़ रहा है।
इससे पहले, अमेरिकी विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन ने कहा था कि जिहादी समूहों को आर्थिक मदद रोकने के समझौते को लागू करने के लिए कतर से प्रयासों से अमेरिका संतुष्ट है। अमेरिका ने खाड़ी देशों से भी कहा था कि वे कतर के बहिष्कार में थोड़ी ढील दें। टिलरसन ने ये भी कहा था कि नाकेबंदी से लोगों को परेशानी हो रही है।