ब्रितानी रिसर्चर क्रिस्चियन उलरिक्सन ने म्यूजियम में रखे गए नक्शे को ट्वीट करते हुए लिखा है, "ये वही नक्शा है जिसे अबू धाबी के लूव्र म्यूजियम में रखा गया है और जिसमें खाड़ी क्षेत्र से कतर को गायब कर दिया गया है।"
कतर म्यूजियम की चेयरपर्सन शेख अल मयासा बिंत हमाद बिन अल खलीफा अल थानी ने इस मुद्दे पर ट्वीट किया, "दुनिया भर में ऐतिहासिक म्यूजियम्स जानकारी का स्रोत होते हैं। यहां लोग ज्ञान पाने के लिए आते हैं। म्यूजियम में रखी चीजों से लोग दुनिया की संस्कृतियों के बारे में सीखते हैं। हालांकि अबू धाबी के लिए म्यूजियम का ख्याल एक नई बात है।" यूएई के एक ट्विटर यूजर ने इस 'भूल' पर हैरानी जताते हुए पूछा है कि 'क्या हम इसी तरीके से अपने बच्चों को शिक्षित करेंगे?'
संयुक्त अरब अमीरात में 'लूव्र अबू धाबी' म्यूजियम की शुरुआत पिछले साल दिसंबर में हुई है। एक अरब पाउंड की लागत से ये म्यूजियम 10 सालों में बनकर तैयार हुआ है। इस म्यूजियम में 600 कलाकृतियां स्थाई रूप से तो 300 आर्टवर्क फ्रांस से उधार लेकर रखे गए हैं। इसकी स्थापना पेरिस के विश्व विख्यात 'लूव्र म्यूजियम' की मदद से हुई है।
उधार की कलाकृतियों, लूव्र नाम और प्रबंधकीय सलाह के लिए ये म्यूजियम, पेरिस को अरबों रुपए देता है। 10 सालों तक इसके निर्माण में 863 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। यहां स्थायी रूप से 600 कलाकृतियां हैं, जबकि 300 फ्रांस से उधार ली गई हैं। प्रबंधकीय सलाह और 'लूव्र' नाम के इस्तेमाल के लिए 'लूव्र अबू धाबी म्यूजियम' पेरिस को करोड़ों डॉलर की रकम अदा करता है।