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UAE: इंडियन पर जासूसी का आरोप, सुप्रीम कोर्ट ने 10 साल की सजा को रखा बरकरार

Tue, 20 Jun 2017 07:17 PM IST
amarujala.com- Presented by: मुकेश झा
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फेडरल सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Reuters
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संयुक्त अरब अमीरात(यूएई) में एक भारतीय नागरिक को 10 सालों की सजा सुनाई गई है। यूएई की सुप्रीम कोर्ट ने जासूसी के आरोपों में निचली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। भारतीय नागरिक पर आरोप है कि यूएई के पोर्ट पर काम करता था और वहां से दुश्मन देशों के लिए जासूसी करता था।
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यूएई की सुप्रीम कोर्ट ने सजा पूरी होने के बाद दोषी भारतीय व्यक्ति को देश से निष्कासित करने का भी हुक्म सुनाया है। आरोप है कि 35 वर्षीय भारतीय यूएई की गोपनीय जानकारियों को दुश्मनों के हाथो बेचता था। वो अबू धावी के जयद पोर्ट पर काम करता था। उस पर सेंसेटिव जानकारी को शेयर करने का आरोप लगा था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है और अपने दुश्मन देशों की मदद करने वालों को हम सस्ते में नहीं छोड़ सकते। सुप्रीम कोर्ट से पहले निचली कोर्ट ने भी आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई थी।  ऐसे ही एक अन्य मामले में यूएई की सुप्रीम कोर्ट ने एशियाई मूल के व्यक्ति को 1 साल की कैद की सजा सुनाई। उस पर दूसरे देश के लिए जासूसी का आरोप था।
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सोमवार का दिन दुबई के सुप्रीम कोर्ट के लिए अहम रहा। कोर्ट ने कई बड़े मामलों में सजा सुनाई। सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य मामले में यूएई की छवि खराब करने के आरोप में सऊदी नागरिक को 3 साल की सजा सुनाई। यही नहीं, उस पर 5 लाख यूएई दिरहम का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने आतंकवाद के एक अन्य मामले में 25 वर्षीय अरब नागरिक को 3 साल की जेल की सजा को बरकरार रखा।
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