इस्राइल की संसद ने अंतत: उस विवादित कानून को 60-52 मतों से मंजूरी दे दी है जिस पर वेस्ट बैंक स्थित फलस्तीन के लोग अपना अधिकार जताते आए हैं। इस कानून के पास होने से फलस्तीन के दावे वाली निजी जमीन पर यहूदी बस्तियों की बसाहट को कानूनी मान्यता मिल गई है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसकी जानकारी अमेरिकी प्रशासन को दे दी है। इस कानून को फलस्तीन की जमीन की कानूनी चोरी भी बताया जा रहा है। देश का हाईकोर्ट इस कानून को निरस्त कर देगा, यह जानते हुए भी दक्षिणपंथी उत्साहित हैं।
कानून के विरोध में मत डालने वाले 52 सदस्यों ने चेतावनी दी कि यह कानून इस्राइल को नुकसान पहुंचाएगा। संयुक्त राष्ट्र ने भी कहा है कि इससे शांति स्थापना के अवसर कमजोर होंगे। यहूदियों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था अमेरिकन ज्यूइश कमेटी के प्रमुख डेविड हैरिस ने कहा कि हाई कोर्ट इस कानून को पलट सकता है और उसे ऐसा करना ही चाहिए।