एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) आतंकी हमलों में इस्तेमाल होने वाले शब्दों से बच्चों को अंग्रेजी वर्णमाला का ज्ञान दे रहा है। आईएस ने बच्चों के लिए अंग्रेजी वर्णमाला के लिए अलग से आईएस अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक तैयार की है, जिसके जरिये बच्चों को ‘जी’ फॉर गन, ‘एस’ फॉर स्नाइपर और ‘बी’ फॉर बैटल पढ़ाया जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार पाठ्यपुस्तक का नाम इस्लामिक स्टेट के लिए अंग्रेजी रखा गया है। आईएस अंग्रेजी का यह पाठ्यपुस्तक इराकी बलों को पिछले महीने पूर्वी मोसुल पर कब्जे के बाद एक अनाथालय से मिला है। ये अन्य पाठ्यपुस्तकों के विपरीत है। इन पढ़ने, लिखने और अंकगणित की पुस्तकों में युद्ध, जिहादवाद और आतंकवाद का परिचय होता है, जिसे पढ़कर बच्चे बड़े होते हैं।
इराकी सैन्य अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि अंग्रेजी वर्णमाला में सबसे पहले बच्चों को ‘बी’ फॉर बैटल यानी युद्ध और ‘जी’ फॉर गन यानी बंदूक एके-47 की तस्वीर के साथ पढ़ाया जा रहा है। इसी तरह ‘एस’ स्पाइनर के लिए है, जिसमें आईएस लड़ाके को अपनी राइफल से निशाना साधते हुए दिखाया गया है। ‘डब्ल्यू’ फॉर वुमेन, जिसमें बुर्का पहनी एक महिला की तस्वीर है। गणित के अभ्यास में एके-4 और बमों की तस्वीरें हैं।
अनाथालय, जहां से स्कूल की पुस्तकें मिली हैं, इसका इस्तेमाल बच्चों को इस तरह की शिक्षा दी जा रही है ताकि वे आगे चलकर आईएस लड़ाके और भेदिया बन सकें। युद्ध और आतंकवाद से परेशान बच्चों का इलाज कर रहे तेल अबीब में आर इआन यूनिवर्सिटी के बाल मनोचिकित्सक रुथ फेल्डमेन ने कहा कि बच्चों को जहरीली शिक्षा दी जा रही है। इस तरह की पाठ्यपुस्तकों से साफ संदेश है कि वे दुनिया को दो भागों में बांट रहे हैं।