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ईरानी अदालत ने लिया सरकार विरोधी फैसला, राष्ट्रपति का भाई और अमेरिकी छात्र गिरफ्तार

Mon, 17 Jul 2017 05:43 PM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ दुबई
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ईरानी अदालत
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ईरान की अदालत ने वहां की सरकार के खिलाफ जाकर दो बड़े फैसले दिए हैं। इनमें पहला ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी के भाई को वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार करने का है, और दूसरा एक चीनी-अमेरिकी छात्र की गिरफ्तारी से जुड़ा है। राष्ट्रपति के समर्थकों ने अदालत की इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है।
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अमेरिका की प्रिंसेटन यूनिवर्सिटी के छात्र शियू वांग को जासूसी के आरोप में 10 वर्ष की सजा सुनाकर ईरान की अदालत ने दो देशों के संबंधों में तल्खी ला दी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने गिरफ्तार अमेरिकियों को रिहा करने की मांग की है।

ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रवक्ता गुलाम मोहसेनी एजेई ने कहा कि हुसैन फिरेदौन, जो राष्ट्रपति के करीबी सलाहकार भी हैं, उन्हें शनिवार को समन देकर वित्तीय आरोपों के चलते बुलाया गया था। हुसैन को बाद में हिरासत में लेने की कार्रवाई की गई है लेकिन यदि वह जमानत पा जाते हैं तो छूट भी जाएंगे।
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प्रवक्ता के मुताबिक ‘उन्हें कई बार सुना गया है और दूसरों से भी पूछताछ की गई है। इनमें से कुछ लोगों को पकड़ा जा रहा है।’ उधर राष्ट्रपति के समर्थकों का कहना है कि - ‘कट्टरपंथी न्यायपालिका ने फिरेदौन को गिरफ्तार कर राष्ट्रपति को बदनाम करने की कोशिश की है।’ फिरदौन ने 2015 में वैश्विक ताकतों और ईरान के बीच परमाणु समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

एक अन्य मामले में ईरान की अदालत ने अमेरिकी यूनिवर्सिटी से इतिहास में स्नातक कर रहे 37 वर्षीय छात्र शियू वांग को अमेरिका के लिए जासूसी करने के आरोप में 10 साल की कैद सुनाई है। अदालत ने यह घोषणा छात्र के एक माह तक गायब रहने के मामले में सुनाई है। वह ईरान में डॉक्टरी अध्ययन के लिए रिसर्च कर रहा था।

प्रवक्ता गुलाम मोहसेनी एजेई ने इसकी पुष्टि करते वक्त छात्र को ‘अमेरिकी घुसपैठिया’ बताया लेकिन उसके नाम या अन्य पहचान नहीं बताईं। इसका खुलासा वहां की समाचार एजेंसी मिजान ने किया। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने मांग की है कि जिन अमेरिकियों को ईरान में झूठे आरोपों में पकड़ा गया है उन्हें रिहा किया जाए। अमेरिका ने छात्र विशेष का उल्लेख न करते हुए सभी अमेरिकियों को रिहा करने की बात कही है।
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