बता दें कि ईरान 1980 के दशक से ही उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव के मद्देनजर बार-बार खाड़ी से तेल का निर्यात रोकने की धमकी देता रहा है लेकिन उसने ऐसा कभी किया नहीं है।
ईरान और दुनिया की प्रमुख ताकतों के बीच 2015 में हुए परमाणु करार से अमेरिका मई में बाहर निकल गया था। उसके बाद अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध फिर से लगा दिए और साथ ही दुनिया के देशों से ईरान से तेल की खरीद शून्य पर लाने को कहा था। हालांकि, बाद में अमेरिका ने अस्थायी रूप से आठ देशों को इस मामले में कुछ छूट दे दी थी।