ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने कहा है कि यूरोप ने अभी तक यह नहीं दिखाया है कि वह परमाणु समझौता बचाने के लिए अमेरिका को नजरअंदाज करने की कीमत चुकाने को इच्छुक है। जरीफ ने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों के दूसरे चरण के बाद यूरोपियन सरकारों ने ईरान के साथ तेल और बैंकिंग संबंध कायम रखने का प्रस्ताव रखा था।
जरीफ ने एक स्थानीय वेबसाइट से कहा कि वे आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन हमारा मानना है कि यूरोप अभी तक अमेरिका का विरोध करने की कीमत चुकाने को तैयार नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2015 में हुए परमाणु समझौतों से मई में हाथ खींच लिए थे। अमेरिका ने इस महीने की शुरुआत में फिर से प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिए हैं, जो दूसरे देशों को ईरान से व्यापार करने से रोकता है।
यूरोप ने ईरान से परमाणु समझौते से होने वाले आर्थिक लाभों को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई थी, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के डर से उसकी कई बड़ी कंपनियों ने हाथ खींच लिए हैं। जरीफ ने कहा कि यूरोप ने कहा था कि परमाणु समझौता उनके लिए एक सुरक्षा उपलब्धि है, लिहाजा हर देश यहां निवेश कर सुरक्षा के लिए कीमत चुकाए।