राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की देखरेख में शुक्रवार को ईरान ने राजधानी तेहरान में अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन कर इजरायल और पश्चिमी देशों के समक्ष अपने इरादे स्पष्ट कर दिए। परेड में हजारों सैन्यकर्मियों के अलावा टैंक और मिसाइलों का प्रदर्शन किया गया। परेड का आयोजन ईरान-इराक युद्ध के शुरू होने की वर्षगांठ पर किया गया था। यह युद्ध 1980 से 1998 तक चला था।
राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारित संबोधन में राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने कहा कि हम विश्व की ताकतों के दबाव के खिलाफ उसी जोश और आत्मविश्वास के साथ खड़े रहेंगे जैसा हमने इराक के साथ हुए युद्ध में दिखाया था। ईरान पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने विवादित परमाणु कार्यक्रम के कारण कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिम देशों ने जहां ईरान के खिलाफ कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं, वहीं इजरायल ने ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हवाई हमलों की धमकी दी हुई है।
अहमदीनेजाद ने अपने संबोधन के दौरान अमेरिका में बनी इस्लाम विरोधी फिल्म का भी जिक्र किया, जिसके कारण पूरे मुस्लिम जगत में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी सरकार द्वारा इस फिल्म को सेंसर न करने के पीछे दिए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तर्क को अमेरिका का छलावा बताया। उन्होंने इसे सांप्रदायिक संघर्ष को बढ़ावा देने और मुस्लिमों को बांटने की इजरायल की साजिश करार दिया।