इजिप्ट की राजधानी कायरा में रहने वाली 500 किलोग्राम की दुनिया के सबसे वजनी महिला ईमान अहमद ऑपरेशन कराने के लिए भारत आना चाहती थीं, वीजा न मिलने के कारण वह काफी निराश हो गई थीं। उनकी गुहार जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पास पहुंची तो उन्होंने इस मामले में मदद का भरोसा दिया। हालांकि, अब 36 वर्षीय ईमान अहमद की दिक्कत यह है कि अधिक वजन के कारण कोई एयरलाइन उन्हें मुंबई लाने के लिए तैयार नहीं है।
ईमान चल फिर नहीं सकतीं पिछले दो दशक वह बिस्तर पर ही हैं। कायरा से मुंबई की कोई डायरेक्ट फ्लाइट नहीं है और सभी प्राइवेट फ्लाइट्स ने हाथ खड़े कर दिए हैं। मुंबई मिरर की खबर के मुताबिक अब तक किसी एयरलाइन ने उन्हें मुंबई लाने के लिए हामी नहीं भरी है। अगर कोई फ्लाइट मुंबई लाने के लिए राजी भी हो जाता है तो उस फ्लाइट में ईमान के वजन को देखते हुए परिवर्तन करना होगा।
जेट एयरवेज की वेबसाइट के अनुसार, उनकी फ्लाइट में जो स्ट्रैचर्स हैं उसपर 136 किलोग्राम वजन से कम के मरीज को ले जाया जा सकता है। हालांकि एयर इंडिया की फ्लाइट में वजन को लेकर किसी प्रकार के दिशा निर्देश नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ईमान अहमद के लिए फ्लाइट का इंतजाम करने में परेशानियों का सामना करना होगा। एयर इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अश्निनि लोहानी ने बताया कि अगर औपचारिक तौर पर अनुरोध किया जाएगा तो वह विचार करेंगे।
मुंबई के सैफी अस्पताल में ऑपरेशन होना है
ईमान अहमद
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उन्होंने मुंबई मिरर से कहा कि एयर इंडिया की इस वक्त अफ्रीका के लिए फ्लाइट नहीं है सबसे नजदीक एयरपोर्ट जर्मनी में फ्रेंफर्ट है। लेकिन ईमान अहमद को लाने के लिए संभावनाएं तलाशने में हमें खुशी होगी।
मुंबई के सैफी अस्पताल में ईमान अहमद का ऑपरेशन होना है। अस्पताल के डॉक्टर मुफ्फजल लकड़ावाला ने कहा,'कई एयर एम्बुलेंस से संपर्क किया लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। हम प्राइवेट एयरलाइन से बात करने का प्रयास कर रहे हैं।'
उन्होंने आगे कहा कि ईमान का परिवार चार्टर्ड फ्लाइट का खर्च नहीं उठा सकता, इसलिए ईमान को लाने के लिए फंड इकट्ठा करने की कोशिश की जा रही है। बाकी इंतजाम हम कर लेंगे। लकड़ावाला ने कहा कि मैंने ईमान से सैफी अस्पताल में फ्री सर्जरी करने का वादा किया है। हम उनसे कोई पैसा नहीं लेंगे।
अस्पताल में कम से कम तीन महीने रुकना होगा
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सर्जरी के बाद ईमान अहमद को अस्पताल में कम से कम तीन महीने रुकना होगा। मुफ्फजल लकड़ावाला ने बताया कि उन्होंने सर्जरी करने के लिए 450 किलोग्राम की ऑपरेशन टेबल की व्यवस्था की है और ऑपरेशन से जुड़े बाकी उपकरण का भी इंतजाम कर लिया गया है।
डॉक्टर लकड़ावाला ने ही सोमवार को ईमान अहमद की नाजुक हालत का पता लगने के बाद विदेशमंत्री से गुहार लगाई थी। सुषमा स्वराज ने उनको मदद का आश्नवासन दिया था। डॉक्टर लकड़ावाला को ईमान से संबंधित एक भावुक ईमेल मिला था जिसमें लिखा था कि उन्होंने जिस डॉक्टर से भी संपर्क किया उसने इलाज करने से इंकार कर दिया। इसके बाद निराश ईमान अहमद की मदद करने के लिए डॉक्टर लकड़ावाला आगे आए।
डॉ लकड़ावाला का कहना है कि इस वक्त जो सबसे बड़ी चुनौती है वह ईमान को मुंबई लाना है। ईमान के इलाज और उन्हें मुंबई लाने की जद्दोजहद कर रहे लक्कड़वाला ने 'सेव ईमान' नाम से फंड इकट्ठा करने का अभियान शुरू किया है।