रियाद के कार्लटन होटल में बंदी बनाकर रखे गए सऊदी राजकुमारों और कारोबारियों से सऊदी सरकार की बातचीत चल रही है। फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इन राजकुमारों और कारोबारियों की रिहाई के बदले उनसे उनकी जायदाद का एक बड़ा हिस्सा देने के लिए कहा जा रहा है।
अख़बार के मुताबिक सऊदी सरकार की इस बातचीत का मकसद हिरासत में लिए गए कुछ लोगों के साथ समझौते तक पहुंचना है। इनमें प्रिंस अल-वलीद बिन तलाल, बिजनेसमैन वलीद अल-इब्राहिम और बक्र बिन लादेन भी हैं।
अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सऊदी सरकार की ओर से कुछ मामलों में हिरासत में लिए गए लोगों से उनकी 70 फीसदी दौलत तक मांगी जा रही है। कहा जा रहा है कि समझौते की कुल रकम 300 अरब डॉलर तक हो सकती है। सऊदी अटॉर्नी जनरल का दावा है कि ये रकम भ्रष्टाचार के जरिए जुटाई गई है। सूत्रों के अनुसार कुछ लोग पैसे और प्रॉपर्टी देकर अपनी आजादी का सौदा करने के लिए तैयार हैं।
ब्रिटेन के अखबार गार्डियन का कहना है कि अगर ये सौदा हो जाता है तो सऊदी हुकूमत को सैंकड़ों अरब डॉलर का फायदा होगा। सऊदी सरकार ने पिछले साल 79 अरब डॉलर घाटे का बजट पेश किया था।
गिरफ्तार सऊदी राजकुमारों और कारोबारियों की दौलत
वलीद बिन तलाल: 16.5 अरब डॉलर
मोहम्मद अल-अमौदी: 12 अरब डॉलर
सालेह कमाल: 3.7 अरब डॉलर
बक्र बिन लादेन (कारोबारी) के परिवार की संपत्ति: 7 अरब डॉलर
वालिद बिन इब्राहिम: 2.3 अरब डॉलर
अम्र अल-दब्बाग: 1.5 अरब डॉलर
नासेर अल-तय्यर: 600 लाख डॉलर
अदेल अल-फकीह (कारोबारी और अर्थव्यवस्था और योजना विभाग के पूर्व मंत्री): 470 लाख डॉलर
प्रिंस मितेब बिन अब्दुल्ला (नेशनल गार्ड के पूर्व चीफ): 110 लाख डॉलर