सऊदी अरब में पिछले दिनों कुछ हाई प्रोफाइल लोगों को हिरासत में लिया गया जिसमें 11 शहजादे, चार मंत्री और कई पूर्व मंत्री शामिल थे, इसकी वजह से सऊदी फिर से चर्चा में आ गया। सऊदी की कई ऐसी बातें हैं जो उसे बाकी देशों से अलग बनाती हैं, उनमें से कुछ आज आप जान जाएंगे। सबसे पहले समझिए मौजूदा मामला-
जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं, जिस भ्रष्टाचार रोधी कमेटी के कहने पर यह कार्रवाई हुई उसका गठन सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज ने शनिवार यानी 4 नवंबर को ही किया और इसका चेयरमैन क्राउनप्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को बनाया गया।
जानें क्यों सऊदी अरब के सियासी महकमे में मची है उथल-पुथल
माना यह भी गया कि भ्रष्टाचार का मामला सिर्फ बहाना है और असली वजह क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान का सत्ता पर पूरा अधिकार हासिल करने का सोचा समझा और साहसिक तरीका है। हालांकि, दोनों में से कौन सा दावा सही है यह फिलहाल साफ नहीं है। अभी गिरफ्तार किए गए सभी बड़े लोगों को एक शानदार होटल में रखा गया है।
कैसे चलता है सऊदी में शासन?
क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान
- फोटो : File Photo
सऊदी अरब में राजशाही शासन चलता है, वहां कोई लिखित संविधान नहीं है और कुरान को ही संविधान माना जाता है। इसके साथ ही राजशाही परिवार ही देश और सरकार का प्रमुख है। सरकार के ज्यादातर बड़े मंत्रालयों को भी राजशाही परिवार ही देखता है।
कब हुई थी सऊदी अरब की स्थापना?
क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान
- फोटो : FILE PHOTO
सऊदी राजपरिवार ने ही मौजूदा सऊदी अरब की भी स्थापना की थी और इसका श्रेय आदिवासी नेता मोहम्मद इब्न सऊद को जाता है। मोहम्मद इब्न सऊद ने 1744 में अपनी सेना और धार्मिक नेता मोहम्मद इब्न अब्द अल वहाब से साथ मिलकर सऊदी अरब बनाया। इब्न अब्द अल वहाब को वहाबी आंदोलन का जनक बताया जाता है।