फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आपूर्ति में देरी: हथियारों के लिए अमेरिका से मुंह मोड़ने लगे खाड़ी देश; दक्षिण कोरिया से बढ़ा रहे नजदीकी

Tue, 14 Apr 2026 06:16 AM IST
Nirmal Kant एजेंसी, दुबई/रियाद।

सार

सऊदी अरब, यूएई और कतर अब अपनी सुरक्षा रणनीति बदलते दिख रहे हैं और वे सिर्फ अमेरिका पर निर्भर रहने की बजाय अन्य देशों से भी रक्षा उपकरण खरीद रहे हैं। अमेरिकी हथियारों की आपूर्ति में देरी और यूक्रेन युद्ध के कारण पैट्रियट मिसाइलों की कमी ने इन देशों को जापान, दक्षिण कोरिया और यूक्रेन जैसे देशों के साथ नए रक्षा समझौते करने के लिए मजबूर किया है। पढ़िए रिपोर्ट-
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

खाड़ी देशों के आसमान में चमकती गगनचुंबी इमारतों के बीच हाल में बैलिस्टिक मिसाइलों और शाहेद ड्रोनों की गूंज ने रक्षा नीतियों को हिला दिया है। ईरान के साथ जारी तनाव के बीच सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कतर जैसे देश अब अपनी रक्षा जरूरतों के लिए केवल वाशिंगटन की ओर नहीं देख रहे। सैकड़ों अरब डॉलर खर्च करने के बाद भी अचूक सुरक्षा न मिलने और अमेरिकी हथियारों की आपूर्ति में देरी ने इन देशों को रक्षा खरीद के विविधीकरण के लिए मजबूर कर दिया है।
विज्ञापन


पिछले पांच वर्षों में केवल सऊदी अरब ने रक्षा पर 28 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। 2019 में सऊदी तेल ठिकानों पर हुए हमलों के वक्त देश की रक्षा प्रणाली कमजोर दिखी थी, लेकिन हालिया संघर्षों में खाड़ी देशों ने लगभग 85% ईरानी ड्रोनों और मिसाइलों को मार गिराया। इस सफलता के बावजूद पेंटागन की लंबी प्रतीक्षा सूची और यूक्रेन युद्ध के कारण अमेरिका से पैट्रियट मिसाइलों की आपूर्ति में आ रही बाधाओं ने खाड़ी देशों की चिंता बढ़ा दी है। नतीजतन सऊदी अरब अब जापान से पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणालीं के घटकों और दक्षिण कोरियाई कंपनियों-हनवा और एलआईजी नेक्स1 से एम-एसएएम मध्यम दूरी की मिसाइल प्रणाली के लिए बातचीत कर रहा है। यूएई पहले ही इस दक्षिण कोरियाई प्रणाली को तैनात कर चुका है। वहीं, खाड़ी देश यूक्रेन से बैटल-टेस्टेड इंटरसेप्टर ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम हासिल करने के लिए समझौते कर रहे हैं।

अन्य देशों के साथ भी बेहतरीन संबंध : सऊदी अरब
सऊदी अरब के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यूक्रेन के साथ समझौतों का हवाला देते हुए कहा, हम अमेरिकी प्रदाताओं के साथ निर्बाध रूप से काम कर रहे हैं, लेकिन हमारे अन्य देशों के साथ भी बेहतरीन संबंध हैं। यूएई के अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से भरोसा जताते हुए कहा कि उनके पास विविध, एकीकृत और बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली और रणनीतिक भंडार मौजूद है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: गंभीर रोजगार संकट की चपेट में आई दुनिया, 1.2 अरब युवाओं के लिए सिर्फ 40 करोड़ नौकरियां
विज्ञापन


अब रक्षा बजट का बड़ा हिस्सा अमेरिका को नहीं देंगे : कार्नी
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने लिबरल पार्टी के सम्मेलन में कहा कि अब उनका देश अपने रक्षा बजट का बड़ा हिस्सा अमेरिका को नहीं देगा। उन्होंने कहा, वे दिन लद गए, जब कनाडा की सेना अपने हर डॉलर में से 70% हिस्सा अमेरिका भेजती थी। लंदन के पास आयोजित एक बैठक में ब्रिटिश रक्षा मंत्री ल्यूक पोलार्ड ने उद्योग जगत से 30, 60, या 90 दिनों में तत्काल रक्षा आपूर्ति का उद्देश्य रक्षा योजनाओं में संभावित देरी या कमियों को दूर करना तथा रॉयल नेवी की टाइप 26/31 जैसे कार्यक्रमों के लिए परिचालन तत्परता सुनिश्चित करना बताया था।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें