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कौन है संयुक्त राष्ट्र में भाषण देकर चर्चा में आई 16 साल की ग्रेटा थनबर्ग, ट्रंप ने की तारीफ

Tue, 24 Sep 2019 03:06 PM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
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ग्रेटा थनबर्ग (फाइल फोटो) - फोटो : Instagram
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जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर 16 साल की पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के सवालों ने दुनियाभर के नेताओं को झकझोर दिया। ग्रेटा ने युवा पीढ़ी की आवाज को दुनिया के सामने रखते हुए रहा, हमें समझ आ रहा है कि जलवायु परिवर्तन पर आपने हमारे साथ धोखा किया है और अगर आपने कुछ नहीं किया तो युवा पीढ़ी आपको माफ नहीं करेगी। यह लड़की जलवायु परिवर्तन की बुलंद आवाज बन चुकी है।

स्कूल छोड़कर कर रही लोगों को जागरूक

ऐसे समय पर जब लोग जलवायु परिवर्तन को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं तब ग्रेटा ने वैश्विक नेताओं से चुभने वाले सवाल पूछकर उन्हें झकझोर कर रख दिया है। वह अपना स्कूल छोड़कर लोगों को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास दिलाने का काम कर रही हैं। स्वीडन की रहने वाली ग्रेटा जलवायु परिवर्तन को लेकर दुनियाभर में काम करती हैं। वह अमेरिका से लेकर लंदन और फ्रांस में लोगों को जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर जागरूक करने के काम में लगी हुई हैं।

हर शुक्रवार करती हैं प्रदर्शन

थनबर्ग के स्कूल का स्ट्राइक फॉर क्लाइमेट या फ्यूचर फॉर फ्राइडे कैंपेन पूरी दुनिया में मशहूर है। पिछले साल अगस्त महीने से इस अभियान की शुरुआत हुई थी। इस अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने हर शुक्रवार को स्कूल जाना छोड़ दिया। वह हर शुक्रवार स्वीडन की संसद के बाहर तख्ती लेकर प्रदर्शन करतीं हुईं दिख जाती हैं। सांसदों के अलावा वह वहां से गुजरने वाले लोगों से दुनिया को बचाने का आग्रह करती हैं।

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ग्रेटा थनबर्ग (फाइल फोटो) - फोटो : Instagram

जलवायु परिवर्तन की हैं आइकन

जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर दुनियाभर के लोगों के लिए ग्रेटा एक आइकन बन गई हैं। वह जलवायु परिवर्तन पर बड़े-बड़े भाषण देती हैं। नवंबर 2018 में उनके अभियान में 24 देशों के लगभग 17 हजार छात्रों ने हिस्सा लिया था। मार्च 2019 तक उनके अभियान से 135 देशों के 20 लाख बच्चे जुड़ चुके थे। वहीं इस साल अगस्त में यह संख्या बढ़कर 36 लाख हो गई। 

11 साल की उम्र में समझने लगीं थी जलवायु परिवर्तन का संकट

ग्रेटा थनबर्ग का जन्म तीन जनवरी 2003 को हुआ है। उनकी मां मलेना इर्नमैन ओपेरा सिंगर और पिता स्वांते थनबर्ग अभिनेता हैं। ग्रेटा ने आठ साल की उम्र में पहली बार जलवायु परिवर्तन के बारे में सुना था। 11 साल की उम्र की तक उन्होंने जलवायु परिवर्तन के संकट को समझना शुरू कर दिया था। वह अपनी बात को बेबाक और तथ्य आधारित तरीके से रखने के लिए जानी जाती हैं।
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ग्रेटा थनबर्ग (फाइल फोटो) - फोटो : Instagram

ट्रंप ने की तारीफ

आंखों में आंसू लिए और गुस्से में नजर आईं ग्रेटा ने कहा सोमवार को संयुक्त राष्ट्र में कहा, 'आपने हमारे सपने, बचपन अपने खोखले शब्दों से छीना। मैं भाग्यशाली हूं, लेकिन लोग झेल रहे हैं, मर रहे हैं। पूरा ईको सिस्टम बर्बाद हो रहा है। आपने हमें असफल कर दिया। युवा समझते हैं कि आपने हमें छला है। हम युवाओं की आंखें आप लोगों पर हैं और अगर आपने हमें फिर असफल किया तो हम आपको कभी माफ नहीं करेंगे।'

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रेटा के भाषण वाले वीडियो को शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा, 'वह एक खुशहाल युवा लड़की है जो एक उज्ज्वल और अद्भुत भविष्य की आशा करती है। उसे देखकर अच्छा लगा।
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