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Tsunami: ग्रीनलैंड में पहाड़ टूटने से उठी सुनामी तरंगों ने नौ दिन हिलाई थी धरती, वैज्ञानिकों ने सुलझाया रहस्य

Thu, 21 May 2026 04:38 AM IST
Devesh Tripathi अमर उजाला नेटवर्क, कोपेनहेगन/ग्रीनलैंड।

सार

वैज्ञानिकों के अनुसार सितंबर 2023 में दुनिया भर के भूकंपीय सेंसरों ने एक असामान्य संकेत दर्ज करना शुरू किया। यह संकेत सामान्य भूकंप जैसा नहीं था। हर 92 सेकंड पर एक समान कंपन रिकॉर्ड हो रहा था और यह क्रम लगातार 9 दिनों तक जारी रहा। इसकी तरंगें अलास्का से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक पृथ्वी की चट्टानों में दर्ज की गईं।
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सुनामी से हिली थी नौ दिनों तक धरती - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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लगातार नौ दिनों तक दर्ज वैश्विक भूकंपीय तरंगों का रहस्य वैज्ञानिकों ने सुलझा लिया है। अध्ययन से पता चला है कि ग्रीनलैंड के डिक्सन फियोर्ड में सितंबर 2023 में पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर जलक्षेत्र में गिरने से करीब 650 फीट ऊंची अनुमानित मेगा-सुनामी पैदा हुई थी, जिसके असर से दुनिया भर में लगातार 9 दिनों तक भूकंपीय संकेत दर्ज किए गए।
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वैज्ञानिकों के अनुसार यह घटना जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ती भू-वैज्ञानिक अस्थिरता का गंभीर संकेत है। डिक्सन फियोर्ड ग्रीनलैंड के पूर्वी हिस्से में स्थित एक संकरा समुद्री जलमार्ग है, जो ऊंची चट्टानों और ग्लेशियरों से घिरा हुआ है। फियोर्ड दरअसल समुद्र की ऐसी लंबी और संकरी खाड़ी को कहा जाता है, जो हजारों वर्षों पहले ग्लेशियरों द्वारा चट्टानों को काटकर बनाई गई हो। इसमें समुद्र का पानी भीतर तक घुसा रहता है और दोनों ओर खड़ी पहाड़ियां होती हैं।

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70 से ज्यादा वैज्ञानिकों के समूह ने सुलझाई गुत्थी
साइंस एंड नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित अध्ययनों तथा अर्थ स्नैप की रिपोर्ट के अनुसार इस रहस्यमयी घटना को समझने के लिए दुनिया भर के 41 संस्थानों से जुड़े 70 से अधिक वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट डाटा, भूकंपीय रिकॉर्ड और उन्नत कंप्यूटर मॉडलिंग का उपयोग किया। वैज्ञानिकों के अनुसार सितंबर 2023 में दुनिया भर के भूकंपीय सेंसरों ने एक असामान्य संकेत दर्ज करना शुरू किया। यह संकेत सामान्य भूकंप जैसा नहीं था। हर 92 सेकंड पर एक समान कंपन रिकॉर्ड हो रहा था और यह क्रम लगातार 9 दिनों तक जारी रहा। इसकी तरंगें अलास्का से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक पृथ्वी की चट्टानों में दर्ज की गईं।

विशेषज्ञों ने बताया कि सामान्य भूकंपों में अनियमित और तीव्र भूकंपीय पैटर्न दिखाई देते हैं, जबकि इस घटना में तरंगों का क्रम बेहद नियमित था। शुरुआती दिनों में वैज्ञानिक यह समझ नहीं पाए कि यह संकेत आखिर किस कारण उत्पन्न हो रहा है। हालांकि यह घटना सितंबर 2023 में हुई थी, लेकिन इसकी वास्तविक वजह और पूरी वैज्ञानिक तस्वीर अप्रैल 2026 में सामने आ सकी।

जलवायु परिवर्तन से बढ़ रहा खतरा
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस घटना के पीछे जलवायु परिवर्तन की बड़ी भूमिका है। पहले ग्लेशियर की बर्फ उस पहाड़ी ढलान को सहारा देती थी, लेकिन बढ़ते तापमान और गर्म समुद्री जल ने उस प्राकृतिक समर्थन को कमजोर कर दिया। एलिस गैब्रियल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पृथ्वी पर सामान्य परिस्थितियों को बदल रहा है और इसी कारण ऐसी असामान्य घटनाएं सामने आ रही हैं।
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इससे पहले 2017 में ग्रीनलैंड के कराट फियोर्ड में भी इसी तरह की घटना हुई थी, जिसमें सुनामी ने भारी तबाही मचाई थी और कई घर नष्ट कर दिए थे। इस आपदा में 8 लोगों की मौत हुई थी। डिक्सन फियोर्ड एक लोकप्रिय क्रूज मार्ग के पास स्थित है। हालांकि घटना के समय वहां कोई यात्री जहाज मौजूद नहीं था, लेकिन वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आर्कटिक पर्यटन बढ़ने के साथ ऐसे जोखिम भी बढ़ सकते हैं।
 
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