संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन अब उच्च स्तर के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया है। इसके कारण विश्व का औसत तापमान 3 डिग्री सेंटीग्रेड से ऊपर पहुंच गया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया बहुत तेजी से नए और चरम जलवायु परिवर्तन की ओर बढ़ रही है।
यूएनईपी की ताजा रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में जलवायु परिवर्तन बहुत तेजी से खतरनाक नतीजों की तरफ बढ़ रहा है। इनमें मौसम का अचानक बदलाव, आर्कटिक में बर्फ का तेजी से कम होना और पश्चिमी अमेरिका व साइबेरिया के जंगलों में आग तथा हीट वेव का उठना शामिल है।
यूरोप के कोपरनिकस जलवायु परिवर्तन सेवा में शोध करने वाले अध्ययनकर्ताओं ने कहा कि पिछले माह नवंबर पूरी दुनिया में सबसे गर्म पाया गया है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक इनगर एंडरसन ने बताया कि मौजूदा साल 2020 निश्चित रूप से रिकॉर्ड पर सबसे गर्म पाया गया है।
इसका नतीजा जंगल में लगी आग, तूफान और सूखे के कहर के रूप में देखने को मिला। इन हालातों में भविष्य के खतरों से निपटने के लिए 2015 के पेरिस समझौते को पूरी तरह लागू करना बेहद जरूरी है।