नेपाल में पोखरा के रहने वाले गोपाल श्रेष्ठ दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट फतेह करने वाले ऐसे पहले पर्वतारोही बन गए हैं जो एचआईवी से ग्रसित हैं।
नेपाल की समाचार एजेंसी राष्ट्रीय समाचार समिति के मुताबिर पोखरा में रत्नचौक निवासी 56 वर्षीय गोपाल ने बुधवार सुबह 8.15 बजे 8848 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट के शीर्ष पर कदम रखा।
एक समय में राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी रहे गोपाल का माउंट एवरेस्ट फतेह करने का यह दूसरा प्रयास था। साल 2015 में उन्होंने पहला प्रयास किया था, लेकिन भूकंप आने के कारण एवरेस्ट बेस कैंप से उन्हें वापस लौटना पड़ा था।
गोपाल का यह दूसरा प्रयास उनके 'स्टेप-अप अभियान : एवरेस्ट मुहिम का दूसरा चरण' का हिस्सा था। इसके तहत वह समाज और देश में एचआईवी से प्रभावित बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए जागरूकता फैलाते हैं।
अपनी इस सफलता से गोपाल ने यह साबित कर दिया है कि एचआईवी से पीड़ित व्यक्ति भी हर तरह की चुनौती का सामना कर सकते हैं। गोपाल को सिरिंज इंजेक्शन की वजह से 25 साल पहले एचआईवी संक्रमण हुआ था।