कनाडा ने अमेरिकी टेक दिग्गज गूगल के खिलाफ ऑनलाइन विज्ञापन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण को लेकर मुकदमा दायर किया है। कनाडाई एंटीट्रस्ट वॉचडॉग ने कहा, वह चाहता है कि कंपनी अपनी दो विज्ञापन तकनीक सेवाएं बेच दे और जुर्माना अदा करे। प्रतिस्पर्धा ब्यूरो ने कहा, गूगल की जांच में पाया गया कि कंपनी ने बाजार में अपनी प्रमुख स्थिति के लिए विज्ञापन तकनीकी उपकरणों को गैरकानूनी रूप से एक साथ जोड़ा है।
ब्यूरो के कार्रवाई को बताया आवश्यक
ब्यूरो ने कंपनी पर ऐसी कार्रवाई जरूरी बताते हुए कहा, मामला अब अर्ध-न्यायिक निकाय में प्रतिस्पर्धा न्यायाधिकरण के पास जा रहा है। यह प्रतिस्पर्धा अधिनियम के गैर-अनुपालन के बारे में सुनवाई करेगा। ब्यूरो ने न्यायाधिकरण से गूगल को उसके प्रकाशक विज्ञापन सर्वर, डबलक्लिक फॉर पब्लिशर्स और उसके विज्ञापन एक्सचेंज, एडीएक्स को बेचने का आदेश देने की सिफारिश की है।
अनुमान है कि प्रकाशक विज्ञापन सर्वर में गूगल की बाजार हिस्सेदारी 90%, विज्ञापनदाता नेटवर्क में 70%, डिमांड-साइड प्लेटफॉर्म में 60% और विज्ञापन एक्सचेंज में 50% है। प्रतिस्पर्धा आयुक्त मैथ्यू बोसवेल ने कहा, इस प्रभुत्व ने प्रतिद्वंद्वियों से प्रतिस्पर्धा हतोत्साहित की, नवाचार बाधित किया, विज्ञापन लागत बढ़ाई व प्रकाशक का राजस्व घटाया है।
गूगल ने कदम को बताया अनुचित
गूगल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ऑनलाइन विज्ञापन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बेहद तेज है। गूगल के वैश्विक विज्ञापन उपाध्यक्ष डैन टेलर ने कहा, शिकायत वास्तविक प्रतिस्पर्धा को नजरअंदाज करती है और यह कदम अनुचित है। यह मुकदमा एक बड़ा उदाहरण है कि कैसे सरकारें बड़ी टेक कंपनियों के बढ़ते प्रभाव पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही हैं।
कनाडा-अमेरिका में बढ़ेगा तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मुकदमा लंबा खिंचता है, तो इससे कनाडा -अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में खटास आ सकती है। इसके अलावा, प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को लेकर अन्य देशों में भी ऐसे कदम उठाए जाने की संभावना बढ़ सकती है। प्रधानमंत्री जस्टिन त्रूदो की सरकार का यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ उनके समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। उधर, गूगल ने कहा कि वह उस पर लगे आरोपों का बचाव करेगा।