उत्तर-पूर्वी सूडान में सोने की खदान की एक सुरंग ढहने से कम से कम 11 खनिकों की मौत हो गई और 30 घायल हो गए। मलबे के नीचे लापता लोगों की तलाश जारी है। रविवार को हुई यह घटना सूडान में एक हफ्ते के अंदर सोने की खदान के ढहने की दूसरी घटना है। ये खदानें सूडान भर में फैली हज़ारों छोटी और अनौपचारिक खदानों में से हैं; देश एक ऐसे युद्ध की चपेट में है जिसने कभी-कभी देश के कुछ हिस्सों को अकाल की स्थिति में धकेल दिया है।
बीते हफ्ते भी हुई थी 82 की मौत
पिछले रविवार को, देश के पश्चिमी हिस्से में सोने की एक और खदान में कई सुरंगें ढहने से कम से कम 82 लोगों की मौत हो गई थी। यह इलाका पैरामिलिट्री 'रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़' के नियंत्रण में है, जो तीन साल से ज़्यादा समय से सूडानी सेना से लड़ रही है। उस इलाके में काम करने वाले अब्दालहाय खारीफ अबाकर ने बताया कि उत्तर-पूर्वी रेड सी राज्य के दूर-दराज इलाके 'ओनी' में खदान ढहने की घटना हुई थी।
सरकारी कंपनी 'सूडानीज मिनरल रिसोर्सेज कंपनी' के एक अधिकारी ने बताया कि रविवार तक 11 शव बरामद किए गए और 30 लोगों को बचाया गया। अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि लापता लोगों की तलाश जारी है, क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने की इजाजत नहीं थी। कंपनी ने एक बयान में खदान ढहने से जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की, लेकिन हताहतों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
सोना पैदा करने वाले देश सूडान में खदान ढहने से होने वाली मौतें कोई असामान्य बात नहीं है, क्योंकि यहां सुरक्षा मानकों का बड़े पैमाने पर पालन नहीं किया जाता है। अप्रैल 2023 में सूडान में आरएसएफ और सूडानी सेना के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद देश पूर्ण युद्ध की स्थिति में आ गया।
सूडान में हजारों लोगों की गई जान
निगरानी समूह 'आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा' के अनुसार, इस संघर्ष में कम से कम 59,000 लोग मारे गए हैं। सहायता संगठनों का कहना है कि यह आंकड़ा कम करके बताया गया है और वास्तविक संख्या इससे कई गुना ज़्यादा हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त विशेषज्ञों के अनुसार, आरएसएफ को फंड देने के लिए देश से भारी मात्रा में सोने की तस्करी की गई है; RSF डारफ़ुर और कोर्डोफ़ान क्षेत्रों में सोना पैदा करने वाले इलाकों को नियंत्रित करता है।