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IDMC रिपोर्ट में खुलासा: युद्ध और हिंसा ने दुनिया में मचाई तबाही, अपने ही देश में बेघर हुए 8.2 करोड़ लोग

Wed, 13 May 2026 07:15 AM IST
राकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जिनेवा।

सार

इंटरनल डिस्प्लेसमेंट मॉनिटरिंग सेंटर की 2026 की वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की संख्या बढ़कर 8.22 करोड़ हो गई है, जो जर्मनी की कुल आबादी के बराबर है। पिछले एक दशक में यह आंकड़ा दोगुना हो चुका है। रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पहली बार युद्ध और हिंसा, प्राकृतिक आपदाओं से बड़ा विस्थापन का कारण बने हैं। जून 2025 में इस्राइल-ईरान संघर्ष के दौरान तेहरान से एक करोड़ लोगों का पलायन आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी विस्थापन घटना रही। इसके अलावा सूडान और फलस्तीन में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
 
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पश्चिम एशिया संकट - फोटो : अमर उजाला
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दुनियाभर में संघर्ष, गृहयुद्ध, सांप्रदायिक हिंसा और जलवायु आपदाओं ने करोड़ों लोगों को अपने ही देश में बेघर कर दिया है। इंटरनल डिस्प्लेसमेंट मॉनिटरिंग सेंटर (आईडीएमसी) व नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल (एनआरसी) की ताजा ग्लोबल रिपोर्ट ऑन इंटरनल डिस्प्लेसमेंट 2026 के अनुसार 2025 के अंत तक 104 देशों में 8 करोड़ 22 लाख लोग आंतरिक रूप से विस्थापित जीवन जी रहे थे। यह संख्या जर्मनी की आबादी के बराबर है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले दस वर्षों में यह आंकड़ा दोगुने से अधिक हो गया है और पहली बार युद्ध तथा हिंसा ने प्राकृतिक आपदाओं से ज्यादा लोगों को विस्थापित किया। रिपोर्ट के मुताबिक 8 करोड़ 22 लाख विस्थापितों में 6 करोड़ 86 लाख लोग संघर्ष और हिंसा के कारण बेघर हुए।
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ईरान बना सबसे बड़ी एकल विस्थापन घटना का केंद्र
रिपोर्ट के अनुसार जून 2025 में इस्त्राइल और ईरान के बीच हुए 12 दिन के संघर्ष ने आधुनिक समय की सबसे बड़ी एकल आंतरिक विस्थापन घटना पैदा की। इस्त्राइली सैन्य कार्रवाई और निकासी चेतावनियों के बाद तेहरान से करीब एक करोड़ लोगों को भागना पड़ा। इनमें 60 लाख लोग मजंदरान व 40 लाख गीलान प्रांत पहुंचे। आईडीएमसी के अनुसार इतने कम वक्त में एक देश में इतनी बड़ी आबादी के विस्थापन का यह अब तक का सबसे बड़ा मामला है।

फलस्तीन और सूडान में लगातार बिगड़ते हालात
फलस्तीन में 2025 के दौरान 27 लाख 56 हजार बार विस्थापन दर्ज किया गया। वर्ष के अंत तक करीब 20 लाख लोग अब भी विस्थापित थे। गाजा में जनवरी के युद्धविराम के बाद लाखों लोग लौटे, लेकिन बुनियादी ढांचा तबाह होने के कारण हालात सामान्य नहीं हो सके। मार्च में फिर संघर्ष शुरू हो गया और अगस्त में अकाल जैसी स्थिति पैदा हो गई। पश्चिमी तट में भी 1967 के बाद सबसे बड़े पैमाने पर विस्थापन दर्ज हुआ।
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36 लाख लोग बाढ़, भूकंप, तूफान और अन्य आपदाओं की वजह से विस्थापित हुए। आईडीएमसी की निदेशक ट्रेसी लुकास ने कहा कि संख्या में मामूली गिरावट के बावजूद स्थिति अब भी रिकॉर्ड स्तर के बेहद करीब है और इसे वास्तविक सुधार नहीं माना जा सकता।

इंटरनल डिस्प्लेसमेंट मॉनिटरिंग सेंटर (IDMC) की 2026 की वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की संख्या बढ़कर 8.22 करोड़ हो गई है, जो जर्मनी की कुल आबादी के बराबर है। पिछले एक दशक में यह आंकड़ा दोगुना हो चुका है। रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पहली बार युद्ध और हिंसा, प्राकृतिक आपदाओं से बड़ा विस्थापन का कारण बने हैं। जून 2025 में इजरायल-ईरान संघर्ष के दौरान तेहरान से एक करोड़ लोगों का पलायन आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी विस्थापन घटना रही। इसके अलावा सूडान और फलस्तीन में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
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