पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर के राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में हो रही हिंसा, सेना की ओर से जनता का उत्पीड़न, और शांतिपूर्ण आंदोलनों के क्रूरतापूर्वक दमन की घटनाओं को लेकर ब्रिटेन के बर्मिंघम में कश्मीर सम्मेलन का आयोजन किया। यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी के बैनर तले आयोजित इस सम्मेलन की अध्यक्षता जम्मू कश्मीर नेशनल इंडिपेंडेंस अलायंस (जेकेएनआईए) के अध्यक्ष महमूद कश्मीरी ने की।
कार्यक्रम में कश्मीरी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अपनाई गई दमनकारी नीतियों को उजागर किया। उन्होंने कहा, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में असंतोष का दमन करने के लिए पाकिस्तान सैन्य बलों का इस्तेमाल कर रहा है। पीओजेके भीषण महंगाई और ऊंचे बिजली के बिलों की समस्या से जूझ रहा। क्षेत्र में स्थानीय लोग इन समस्याओं के निराकरण के लिए शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हैं, लेकिन पाकिस्तान विरोध को कुचलने के लिए सैन्य बलों का खुला इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान की ओर से कश्मीर पर कब्जे के बाद से ही कश्मीरियों का उत्पीड़न शुरू हो गया था। आक्रमण के बाद, कबायली समूहों ने क्षेत्र में लूटपाट और हिंसा की घटनाओं को अंजाम दिया था।
कश्मीरी युवकों का अपहरण कर रही है स्थानीय पुलिस
कश्मीरी ने कहा, पिछले डेढ़ साल से कश्मीरी अपने अधिकारों की मांग को लेकर अहिंसक आंदोलन कर रहे हैं। जवाब में, पाकिस्तान ने वहां रेंजर्स तैनात किए हैं। वे मुजफ्फराबाद में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे निहत्थे युवाओं की हत्या कर रहे हैं। इसके अलावा स्थानीय पुलिस भी जनता पर लगातार अत्याचार कर रही है। हमारे लोगों को लगातार अपहरण किया जा रहा है। पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने पीओजेके में सैकड़ों लोगों का अपहरण कर लिया है, जिनमें से अब तक केवल 15 को ही रिहा किया गया है।