दोनों देशों के बीच कर्मियों और ढांचों में समानता लाना मकसद: बर्गर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्रिस्टोफर बर्गर ने बर्लिन में संवाददाताओं से कहा कि इस कदम का मकसद दोनों देशों के बीच कर्मियों और ढांचों में समानता लाना है। रूसी सरकार ने हाल ही में कहा था कि सांस्कृतिक निकायों और स्कूलों में काम करने वाले लोगों सहित जर्मन सरकारी अधिकारी 350 की ऊपरी सीमा में रूस में रह सकते हैं।
जर्मनी को नवंबर तक बंद करने होंगे वाणिज्य दूतावास
बर्गर ने कहा कि इसका मतलब है कि जर्मनी को नवंबर तक येकातेरिनबर्ग, नोवोसिबिर्स्क और कैलिनिनग्राद में अपने वाणिज्य दूतावास बंद करने होंगे। उन्होंने कहा कि केवल मास्को में दूतावास और सेंट पीटर्सबर्ग में वाणिज्य दूतावास खुले रहेंगे। उन्होंने कहा कि रूस को साल के अंत के बाद बर्लिन में दूतावास और एक और वाणिज्य दूतावास का संचालन जारी रखने की अनुमति दी जाएगी।
रूस का व्यवहार हमें इस स्थिति में लाया: जर्मनी
यह कदम यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से मॉस्को और बर्लिन के बीच संबंधों में आई गिरावट को दिखाता है। बर्गर ने कहा कि यह कदम खेदजनक है, लेकिन युद्ध का मतलब है कि दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय गतिविधियों का अब कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा, यह रूसी पक्ष का व्यवहार है जो हमें इस स्थिति में लाया है। बर्गर ने कहा कि दूतावास और एक प्रमुख वाणिज्य दूतावास में अपने शेष कर्मचारियों को केंद्रित करने का जर्मनी का निर्णय रूस में राजनयिक उपस्थिति को बनाए रखेगा।