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जर्मनी के मंत्री बोले: कोई भी प्रमुख वैश्विक समस्या भारत के बिना सुलझाई नहीं जा सकती, बढ़ाएंगे आपसी सहयोग

Wed, 27 Apr 2022 07:04 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने नई दिल्ली आए जर्मनी के मंत्री टोबियास लिंडनर ने भारत को वर्तमान वैश्विक व्यवस्था का महत्वपूर्ण भाग बताया है और कहा है कि पूरी दुनिया को प्रभावित करने वाला कोई भी मुद्दा भारत के बिना सुलझाया नहीं जा सकता।
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जर्मनी के मंत्री डॉ. टोबियास लिंडनर - फोटो : facebook/lindnermdb
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विस्तार
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जर्मनी के संघीय विदेश कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. टोबियास लिंडनर ने कहा है कि कोई भी बड़ी वैश्विक समस्या भारत के बिना नहीं सुलझाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत जर्मनी का एक महत्वपूर्ण भागीदार है। डॉ. लिंडनर एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आए हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी प्रौद्योगिकी, शिक्षा, सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और बढ़ाएंगे।

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लिंडनर ने कहा, 'हम प्रौद्योगिकी, शिक्षा, सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन में भारत के साथ सहयोग चाहते हैं। किसी भी बड़ी चुनौती का समाधान भारत के बिना नहीं ढूंढा जा सकता है। भारत एक बहुत महत्वपूर्ण साझेदार है। हम जर्मनी और भारत के बीच और और घनिष्ठ संबंध बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।' लिंडनर ने यह बात ऐसे वक्त में कही है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही जर्मनी का दौरा करने वाले हैं।

दो मई से शुरू होगा पीएम मोदी का तीन दिवसीय विदेश दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे की शुरुआत दो मई से होगी। वह जर्मनी, डेनमार्क और फ्रांस के लिए तीन दिवसीय यात्रा पर दो मई को रवाना होंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री पहले जर्मनी की यात्रा करेंगे, फिर डेनमार्क जाएंगे और चार मई को वापसी के दौरान कुछ समय के लिए पेरिस में रुकेंगे। यहां वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बातचीत करेंगे, जिन्होंने हाल ही में फिर से चुनाव जीता है।
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रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई के मसले पर हो सकती है वार्ता
विदेश मंत्रालय की ओर से साझा किए गए प्रधानमंत्री के यात्रा कार्यक्रम के अनुसार वह जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके साथ ही दोनों नेता भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श (आईजीसी) के छठे संस्करण की सह अध्यक्षता भी करेंगे। जर्मन चांसलर और पीएम मोदी की यह पहली मुलाकात होगी। रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी यूरोपीय नेताओं के साथ वार्ता में उठ सकता है।

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