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Pakistan: पाकिस्तान में चुनाव की तारीख पर शुरू हुआ विवाद, क्या अब सचमुच बातचीत से निकलेगा हल?

Fri, 21 Apr 2023 04:33 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई अब 27 अप्रैल तक के लिए टाल दी है। उसने यह कदम सरकार की तरफ से यह सूचना दिए जाने के बाद उठाया कि सरकार और पीटीआई के बीच यह तय हो गया है कि 26 अप्रैल को बातचीत होगी...
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पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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पाकिस्तान में आम चुनाव की तारीख को लेकर चल रहे विवाद में शहबाज शरीफ सरकार ने विपक्ष से बातचीत करने का भरोसा देकर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से मोहलत ले ली है। लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से वह सचमुच बातचीत करेगी, इसको लेकर संदेह बना हुआ है। गुरुवार को इस संबंध में सत्ताधारी गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) का दोहरा रुख सामने आया। एक तरफ सरकार ने कोर्ट को ईद के बाद पीटीआई से बातचीत करने का आश्वासन दिया, वहीं पीडीएम के चेयरमैन फजलुर रहमान ने एक सार्वजनिक बयान में इमरान खान के साथ किसी तरह की बातचीत का विरोध किया।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई अब 27 अप्रैल तक के लिए टाल दी है। उसने यह कदम सरकार की तरफ से यह सूचना दिए जाने के बाद उठाया कि सरकार और पीटीआई के बीच यह तय हो गया है कि 26 अप्रैल को बातचीत होगी। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पीडीएम और पीटीआई को निर्देश दिया था कि वे गुरुवार शाम चार बजे तक आपसी बातचीत से देश में आम चुनाव के समय के बारे में आम सहमति बना लें। इसके साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पंजाब की प्रांतीय असेंबली का चुनाव 14 मई को कराने के अपने आदेश को वह वापस नहीं लेगा।

गुरुवार को सुबह इस मामले की सुनवाई शुरू होते ही प्रधान न्यायाधीश जस्टिस उमर अता बंदियाल के नेतृत्व वाली तीन जजों की बेंच के सामने सरकार की ओर से कहा गया कि पीडीएम ने ईद के बाद पीटीआई के साथ बातचीत करने का मन बनाया है। लेकिन कोर्ट इससे संतुष्ट नहीं हुआ। जस्टिस बंदियाल ने निर्देश दिया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत गुरुवार को ही हो और उसका नतीजा शाम चार बजे तक कोर्ट को बताया जाए।

दोपहर बाद अटार्नी जनरल मंसूर उसमान अवान और पीटीआई के वकील फारूक एच नाइक चीफ जस्टिस से उनके चैंबर में मिले। इसके बाद नाइक ने पत्रकारों को बताया कि चीफ जस्टिस को यह सूचना दे दी गई है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हो चुकी है। अटार्नी जनरल ने कहा कि बातचीत के लिए और समय देने को कोर्ट राजी हो गया है।

इसी बीच जमात-ए-उलेमा इस्लामी (एफ) के नेता और पीडीएम के चेयरमैन फजलुर रहमान ने एक प्रेस कांफ्रेंस की। इसमें उन्होंने कहा कि इमरान खान की पार्टी से किसी प्रकार की बातचीत का वे विरोध करेंगे। उन्होंने कहा- ‘जिस व्यक्ति ने असेंबलियां भंग कराईं और पाकिस्तान को आज की हालत में पहुंचा दिया, क्या आप चाहते हैं कि हम उसके पास बातचीत के लिए जाएं। हमें यह मंजूर नहीं है।’ कोर्ट में चल रही कार्यवाही की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा- ‘हमारे लिए यह पूरी तरह से गैर-सियासी प्रक्रिया है।’

लेकिन इसके बाद विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की। इसमें उन्होंने राजनीतिक दलों के बीच बातचीत जारी रखने के महत्त्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी गठबंधन ने ईद के बाद विपक्ष से बातचीत करने का फैसला किया है। ईद के बाद बातचीत के लिए एक प्रभावी रणनीति तैयार की जाएगी।

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