कैलिफोर्निया की एक बायोटेक कंपनी ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीज का रेमडेसिविर ड्रग से इलाज करने पर लक्षण में पांच दिनों में सुधार आया है। अगर कोई मरीज अस्पताल में भर्ती है और स्थिति गंभीर नहीं है तो रेमडेसिविर का इलाज कर उसके लक्षण ठीक किए जा सकते हैं।
सोमवार को कैलिफोर्निया की बायोटेक कंपनी गिलियड साइंस ने इस बारे में जानकारी दी और कहा कि जल्द ही किसी मेडिकल जर्नल में इसके परिणाम छापे जाएंगे। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए किए गए कठिन परीक्षण में रेमडेसिविर का इस्तेमाल किया गया है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की ओर से किए गए अध्ययन में बताया गया है कि इस दवाई से अगर कोई मरीज गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है तो उसके ठीक होने के समय 15 दिन से घटकरर 11 दिन हो सकता है।
आईवी के जरिए यह ड्रग मरीज के शरीर में पहुंचाया जाता है और इसका डिजाइन कुछ ऐसे बनाया जाता है कि यह वायरस के जीन को कॉपी करने में हस्तक्षेप करे। जापान में इसे कोरोना का इलाज करने के लिए स्वीकृति मिल गई है और अमेरिका में कुछ मरीजों के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए इसे अधिकृत किया गया है।
कंपनी ने अपने अध्ययन में करीब 600 मरीजों को शामिल किया है, जिन्हें सामान्य बुखार है लेकिन ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत नहीं है। गिलियड ने बताया कि अध्ययन के 11वें दिन पता चला कि जो मरीज पांच दिन से रेमडेसिविर पर थे वो उनमें 65 फीसद ज्यादा सुधार देखा गया है। दस दिन इलाज वाले मरीजों ने स्टैंडर्ड केयर अलोन से बेहतर सुधार नहीं दिखाया।