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Israel-Hamas: इस्राइल ने गाजा के अस्पताल पर हमला किया, पांच पत्रकार समेत 20 की मौत; दुनियाभर में हो रहा विरोध

Tue, 26 Aug 2025 12:21 AM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दीर अल-बलाह

सार

Israel-Hamas Conflict: गाजा में इस्राइल और हमास के बीच पिछले 22 महीने से जारी संघर्ष में अब तक 192 से ज्यादा पत्रकारों की मौत हो गई है। वहीं गाजा में अस्पताल पर हुए ताजा हवाई हमले पर पांच पत्रकारों के मौत की बात सामने आई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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इस्राइल ने सोमवार को गाजा पट्टी के दक्षिण में स्थित नासिर अस्पताल पर हमला किया, जिसमें कम से कम 20 लोग मारे गए। इनमें समाचार एजेंसी रॉयटर्स, एसोसिएटेड प्रेस, अल जजीरा और अन्य मीडिया समूहों के लिए काम करने वाले पांच पत्रकार शामिल हैं। फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि खान यूनिस स्थित अस्पताल की छत के ठीक नीचे ऊपरी मंजिल पर रॉयटर्स की ओर से संचालित एक लाइव प्रसारण केंद्र के पास हुए हमले में रॉयटर्स के लिए काम करने वाले कैमरामैन हुसैन अल-मसरी की मौत हो गई।

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अस्पताल के अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इसके बाद इस्राइल ने घटनास्थल पर दूसरी बार हमला किया, जिसमें अन्य पत्रकारों के साथ-साथ बचावकर्मी और चिकित्सक भी मारे गए जो मदद के लिए घटनास्थल पर पहुंचे थे। मारे गए पत्रकारों के नाम हैं, मरियम अबू दग्गा (एसोसिएटेड प्रेस), मोहम्मद सलामा, (अल जजीरा), मोआज अबू ताहा, (स्वतंत्र पत्रकार) और अहमद अबू अजीज हैं। रॉयटर्स के लिए काम करने वाले फोटोग्राफर हातेम खालिद घायल हैं।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कहा कि इस्राइल को घटना पर गहरा खेद है। उन्होंने कहा कि इस्राइल पत्रकारों और चिकित्सा कर्मचारियों के काम को महत्व देता है, और इस्राइल का युद्ध हमास के साथ है। वहीं, इस्राइली सेना ने हमले की बात स्वीकार की और कहा कि जनरल स्टाफ के प्रमुख ने जांच के आदेश दिए हैं।
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रॉयटर्स के एक प्रवक्ता ने पत्रकारों की मौत पर दुख जताया है। 



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नेताओं और पत्रकार समूहों ने की निंदा, इस्राइल पर कार्रवाई की मांग
विश्व भर के नेताओं और पत्रकार समूहों ने गाजा पट्टी के अस्पताल पर इस्राइली हमले पर नाराजगी जताई है। मरने वालों में रॉयटर्स, एसोसिएटेड प्रेस, अल जजीरा और अन्य संस्थानों के पत्रकार भी थे। पत्रकारों की सुरक्षा समिति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पत्रकारों पर हो रहे गैरकानूनी हमलों के लिए इस्राइल को जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया।

फलस्तीनी पत्रकार सिंडिकेट ने कहा, यह जघन्य अपराध है। इसका उद्देश्य पत्रकारों को आतंकित करना और उन्हें दुनिया के सामने अपने अपराधों को उजागर करने के अपने पेशेवर मिशन को पूरा करने से रोकना है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा, स्वास्थ्य सेवाओं पर हमले बंद करो। अब युद्धविराम करो!

मैं खुश नहींः ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, यह कब हुआ? मुझे जानकारी नहीं थी। खैर, मैं इससे खुश नहीं हूं। हमें उस पूरे दुःस्वप्न को खत्म करना होगा। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, यह असहनीय है। नागरिकों और पत्रकारों को सुरक्षा दी जानी चाहिए। मीडिया को संघर्ष की वास्तविकता को उजागर करने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए। कतर विदेश मंत्रालय ने कहा, पत्रकारों, राहत एवं चिकित्साकर्मियों को निशाना बनाने वाली कब्जाकारी सेनाओं के खिलाफ तत्काल और निर्णायक अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की जरूरत है।

दुनिया को चुप नहीं रहना चाहिएः रवीना
संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता के महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने चिकित्साकर्मियों, पत्रकारों समेत नागरिकों के सम्मान और सुरक्षा की मांग की। गाजा में एमएसएफ आपातकालीन समन्वयक जेरोम ग्रिमॉड का कहना है कि 22 महीनों से देख रहे कि पत्रकारों को चुप कराया और स्वास्थ्यकर्मियों को मलबे में दफनाया जा रहा। इसे रोकना होगा। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त का कार्यालय की प्रवक्ता रवीना शमदासानी ने कहा, पत्रकारों की हत्या पर दुनिया को चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि कार्रवाई करनी चाहिए। यरुशलम स्थित विदेशी प्रेस एसोसिएशन ने इस्राइली रक्षा बलों और प्रधानमंत्री कार्यालय से स्पष्टीकरण मांगा और पत्रकारों को निशाना बनाने की घृणित प्रथा को रोकने का आह्वान किया।

22 महीने के जंग में कुल 192 पत्रकारों की मौत
कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (सीपीजे) के अनुसार, पिछले 22 महीनों में गाजा में अब तक 192 पत्रकारों की मौत हो चुकी है। इसके मुकाबले रूस-यूक्रेन युद्ध में अब तक 18 पत्रकारों की मौत हुई है। इस्राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय और सेना ने इस घटना पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय के रिकॉर्ड विभाग के प्रमुख जहीर अल-वहीदी के अनुसार, नासिर अस्पताल पर हुए हमले में कुल 19 लोग मारे गए।

इस्राइल ने युद्ध की कवरेज पर लगाई है रोक
दरअसल, इस्राइल ने गाजा में अंतर्राष्ट्रीय मीडिया को युद्ध की कवरेज करने से रोक दिया है। इसके बजाय, समाचार संगठन दुनिया को वहां क्या हो रहा है, यह दिखाने के लिए गाजा में मौजूद फलस्तीनी पत्रकारों और निवासियों पर ज्यादा निर्भर रहते हैं। इस्राइल अक्सर फलस्तीनी पत्रकारों की संबद्धता और पूर्वाग्रहों पर सवाल उठाता है, लेकिन दूसरों को आने की अनुमति नहीं देता।
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लेबनान से सेना हटाने पर नेतन्याहू का ऑफर
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि अगर हिजबुल्ला को निशस्त्र किया गया तो इस्राइल लेबनान से अपनी सेना हटा सकता है। उन्होंने लेबनानी कैबिनेट के हालिया फैसले का स्वागत किया जिसमें हिजबुल्ला को 2025 के अंत तक निशस्त्र करने का प्रस्ताव है। नेतन्याहू ने कहा कि अगर लेबनान इस दिशा में ठोस कदम उठाता है तो इस्राइल अपनी सेना को चरणबद्ध तरीके से दक्षिणी लेबनान से हटा सकता है।
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