इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष विराम के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'बोर्ड ऑफ पीस' (Board of Peace) का गठन किया है। इसी के साथ 20 सूत्री शांति योजना के दूसरे चरण की देखरेख के लिए गठित 'शांति बोर्ड' में नियुक्त लोगों की सूची भी जारी की गई। जिस पर इस्राइल ने आपत्ति जताई है।
'बोर्ड ऑफ पीस' में कौन-कौन सदस्य?
दरअसल, व्हाइट हाउस की ओर से जारी की गई लिस्ट में में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष अजय बंगा और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के नाम शामिल हैं। इसके अलावा अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के सीईओ मार्क रोवन और अमेरिका के उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गैब्रियल को भी इस सूची में शामिल किया गया है। हालांकि इस्राइल ने अमेरिकी नेताओं की घोषणा पर आपत्ति जताई है।
इस्राइल के साथ नहीं किया कोऑर्डिनेटेड
इस्राइल सरकार ने गाजा कार्यकारी समिति को लेकर कहा कि इस्राइल के साथ कोऑर्डिनेटेड नहीं था और यह उसकी पॉलिसी के खिलाफ है। हालांकि इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गईं। शनिवार को दजिए बयान में यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विदेश मंत्रालय को विदेश मंत्री मार्को रूबियो से संपर्क करने के लिए कहा है।
बोर्ड में सिर्फ एक इस्राइली वो भी बिजनेसमैन
दरअसल, शुक्रवार को व्हाइट हाउस द्वारा घोषित समिति में कोई इस्राइल अधिकारी नहीं है, लेकिन एक इस्राइल बिजनेसमैन याकिर गाबाय है। अब तक घोषित अन्य सदस्यों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दो सबसे करीबी विश्वासपात्र एक पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री, एक अमेरिकी जनरल और मध्य पूर्वी सरकारों के शीर्ष अधिकारियों का एक समूह शामिल है।
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शांति बोर्ड के अध्यक्ष डोनाल्ड ट्रंप
बता दें कि शांति बोर्ड के अध्यक्ष राष्ट्रपति ट्रंप है। उन्होंने आर्य लाइटस्टोन और जोश ग्रुएनबाम को वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया है। इन सलाहकारों को दैनिक रणनीति और संचालन का नेतृत्व करने और बोर्ड के जनादेश और राजनयिक प्राथमिकताओं को अनुशासित क्रियान्वयन में बदलने का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा कार्यकारी बोर्ड के सदस्य निकोले म्लादेनोव गाजा के उच्च प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेंगे और शांति बोर्ड व गाजा प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति (एनसीएजी) के बीच जमीनी स्तर पर संपर्क सूत्र का काम करेंगे।
दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री का नेतन्याहू को समर्थन
समिति के सदस्यों में कतर के एक राजनयिक और मिस्र के एक खुफिया प्रमुख भी शामिल हैं। ये दोनों देश युद्धविराम मध्यस्थ रहे हैं। साथ ही संयुक्त अरब अमीरात के एक कैबिनेट मंत्री और तुर्की के विदेश मंत्री भी शामिल हैं। इधर, नेतन्याहू के कार्यालय से बयान आने के कुछ ही मिनट बाद, इस्राइल के धुर दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने एक बयान में प्रधानमंत्री का समर्थन किया और उनसे सेना को युद्ध में लौटने की तैयारी करने का आदेश देने की अपील की।
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10 अक्टूबर को लागू हुआ युद्धविराम
बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि गाजा के लिए अमेरिका द्वारा तैयार की गई युद्धविराम योजना अब अपने चुनौतीपूर्ण दूसरे चरण में प्रवेश कर रही है, जिसमें गाजा में नई फिलिस्तीनी समिति का गठन, एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती, हमास का निरस्त्रीकरण और युद्धग्रस्त क्षेत्र का पुनर्निर्माण शामिल है। मालूम हो कि युद्धविराम 10 अक्टूबर को लागू हुआ, जिसके पहले चरण में सैकड़ों फिलिस्तीनी बंदियों की रिहाई के बदले सभी शेष बंधकों की वापसी, मानवीय सहायता में वृद्धि और गाजा में इस्राइली सेनाओं की आंशिक वापसी पर ध्यान केंद्रित किया गया।
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