गाजा पट्टी में जरूरत सामग्री का इंतजार करते हुए 45 फिलिस्तीनी मारे गए। यह घटना उस वक्त हुई जब संयुक्त राष्ट्र और वाणिज्यिक ट्रकों के पहुंचने की उम्मीद की जा रही थी। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय और एक स्थानीय अस्पताल ने इसकी जानकारी दी।
फिलिस्तीनियों का कहना है इन खाद्य वितरण केंद्रों के पास बार-बार भीड़ पर इस्राइली सेना ने गोलीबारी की है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इन घटनाओं में दर्जनों लोगों की मौत हुई हैऔर सैकड़ों घायल हुए हैं। इन मामलों पर इस्राइली सेना का कहना है कि लोगों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं, जो संदिग्ध ढंग से इस्राइली सैनिकों के पास पहुंचे थे।
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों और प्रमुख सहायता समूहों ने सहायता के किसी भी बड़े मोड़ से इनकार किया है और नई प्रणाली को अस्वीकार कर दिया है। उनका कहना है कि यह गाजा में बढ़ती जरूरतों को पूरा नहीं कर सकती है। यह इस्राइल के हाथों में नियंत्रित करने की अनुमति देकर मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन करती है कि सहायता तक किसकी पहुंच है। विशेषज्ञों ने गाजा में व्यापक अकाल की चेतावनी दी है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित नेटवर्क ने 20 महीने तक चले इस्राइल-हमास युद्ध के दौरान गाजा में सहायता पहुंचाई है। लेकिन मार्च की शुरुआत से लेकर मई के मध्य तक इस्राइल के लगाए गए पूर्ण नाकेबंदी को ढीला करने के बाद से इसे बड़ी बाधाओं का सामना करना पड़ा है।
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अक्टूबर 2023 से जारी इस्राइली सैन्य अभियान में अब तक 55,300 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं,। इनमें से आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं। मंत्रालय के आंकड़े में यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितने नागरिक और लड़ाके हैं। यह सैन्य अभियान 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद शुरू हुआ था। इसमें दक्षिणी इजरायल में करीब 1,200 लोगों की हत्या कर दी गई थी और 251 को बंधक बना लिया गया था। फिलहाल, 50 से अधिक बंधक अब भी हमास के कब्जे में हैं, जिनमें से कई की मौत हो चुकी है।