19वीं मध्यावधि मंत्रिस्तरीय बैठक में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा भारत आतंकवाद की निंदा करता है, गाजा को राहत सामग्री की निर्बाध आपूर्ति, बंधकों की रिहाई और तुरंत संघर्ष विराम की मांग करता है। भारत दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन करता है।
फलस्तीन मुद्दे पर भारत ने एक बार फिर अपने सधे और संतुलित रुख को स्पष्ट किया है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने गुट निरपेक्ष आंदोलन (NAM) की फलस्तीन पर मंत्रीस्तरीय समिति की बैठक में कहा कि भारत हमेशा से आतंकवाद की निंदा करता आया है और नागरिकों के जीवन में फैले विनाश, पीड़ा और निराशा को खत्म करने का पक्षधर है। उन्होंने कहा गाजा को भोजन, ईंधन और आवश्यक वस्तुओं तक निर्बाध पहुंच मिलनी चाहिए। सभी बंधकों की तुरंत रिहाई और संघर्ष विराम तत्काल लागू होना चाहिए।
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भारत दो-राष्ट्र समाधान के पक्ष में
कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि भारत का फलस्तीन पर ऐतिहासिक रुख रहा है। भारत उन शुरुआती देशों में से है जिन्होंने फलस्तीन को एक स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दी। हम फलस्तीनी जनता के आत्मनिर्णय, राष्ट्रीय स्वतंत्रता और संप्रभुता के अविच्छेद्य अधिकारों की पुन: पुष्टि करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का अंतिम लक्ष्य दो-राष्ट्र समाधान है, जिसमें एक स्वतंत्र, संप्रभु और व्यवहार्य फलस्तीन सुरक्षित और मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर इज़राइल के साथ शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व में रहे।
भारत ने दी 135 टन राहत सामग्री, UNRWA को 5 मिलियन डॉलर का वार्षिक योगदान
भारत की मानवीय प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि अक्तूबर 2023 से अब तक भारत ने करीब 135 मीट्रिक टन दवाओं और आवश्यक वस्तुओं की सहायता फलस्तीन को दी है। इसके अलावा, भारत संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी को हर साल 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान देता है और 40 मिलियन डॉलर के परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
‘शांति की उम्मीद फिर जागी है’- ट्रंप की योजना की सराहना
कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि 7 अक्तूबर 2023 से मध्य पूर्व में जो घटनाक्रम हुआ, उसने क्षेत्र और दुनिया को गहराई से प्रभावित किया है, लेकिन अब शांति की उम्मीद फिर से जागी है। उन्होंने बताया कि मैं प्रधानमंत्री के विशेष दूत के रूप में शर्म अल-शेख में शांति सम्मेलन में शामिल हुआ। भारत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण का स्वागत करता है और मिस्र व कतर जैसे NAM देशों की भूमिका की सराहना करता है, जिन्होंने समझौते को साकार करने में अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा कि भारत भविष्य में भी एक शांतिपूर्ण और स्थिर मध्य पूर्व के निर्माण में योगदान देने और NAM के साझेदार देशों के साथ रचनात्मक रूप से काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
NAM बैठक के दौरान कीर्ति वर्धन सिंह ने माली के विदेश मंत्री से की मुलाकात
विदेश राज्य मंत्री और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने माली के विदेश मंत्री अब्दुलाये दियोप से मुलाकात की। यह मुलाकात बेलग्रेड में हो रही गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) की 19वीं मध्यावधि मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और माली के बीच बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। किर्ती वर्धन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “माली के विदेश मंत्री HE अब्दुलाये दियोप से मुलाकात कर खुशी हुई। हमारी बहुआयामी साझेदारी पर सार्थक चर्चा हुई।”