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गाजा में युद्धविराम समझौता लागू हुआ: इस्राइली सेना ने ट्रंप की शांति योजना पर दिया बयान, वापस लौट रहे सैनिक

Fri, 10 Oct 2025 03:29 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।

सार

पश्चिम एशिया में शांति बहाली की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। अब से कुछ ही घंटे पहले दोपहर 12 बजे से गाजा में युद्धविराम समझौता लागू हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के तहत संघर्षविराम कराया गया है। युद्धविराम लागू होने का एलान इस्राइली सेना की तरफ से किया गया है। सैनिक वापस लौटने लगे हैं।
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गाजा में इस्राइल-हमास संघर्ष थमा (फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में इस्राइल और हमास के बीच बीते दो साल से जारी हिंसक संघर्ष थमने वाला है। गाजा में ट्रंप की शांति योजना के तहत युद्धविराम समझौता लागू हो गया है। इस्राइली सेना ने ट्रंप की शांति योजना पर कहा कि दोहपर 12 बजे से युद्धविराम लागू हो गया है। सैनिक वापस लौट रहे हैं। इस्राइली सेना ने शुक्रवार को कहा कि हमास के साथ युद्धविराम समझौता स्थानीय समयानुसार दोपहर 12 बजे से प्रभावी हो गया है। मोर्चे पर तैनात सैनिक सहमति के तहत निर्धारित जगहों पर वापस लौट रहे हैं।
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लगभग 50 फीसदी गाजा पर इस्राइली सेना का नियंत्रण होगा
युद्धविराम समझौता लागू करने के फैसले को इस्राइली कैबिनेट में मंजूरी दी गई। प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय से जारी एक संक्षिप्त बयान में कहा गया कि मंत्रिमंडल ने बंधकों की रिहाई के लिए समझौते की रूपरेखा को मंजूरी दे दी है। हालांकि, इस्राइली सरकार के बयान में योजना के अन्य पहलुओं का उल्लेख नहीं किया गया है। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक एक इस्राइली सुरक्षा अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, सेना अपने नए ठिकानों पर जाकर गाजा के लगभग 50 फीसदी हिस्से पर अपना नियंत्रण स्थापित करेगी।

इस्राइल और हमास के समझौते में क्या?
युद्धविराम समझौते में किन बिंदुओं को शामिल किया गया है। इस संबंध में हमास के वरिष्ठ अधिकारी खलील अल-हय्या ने बताया, 'समझौते के तहत इस्राइल लगभग 2000 फलस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। मिस्र से लगी सीमा को खोला जाएगा। गाजा में संकटग्रस्त लोगों तक मानवीय मदद पहुंचाने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही इस्राइली सेना को वापस बुलाया जाएगा।' बिंदुवार पढ़ें समझौते के मूल अंश:
  • इस्राइली जेलों में बंद सभी महिलाओं और बच्चों को भी रिहा किया जाएगा।
  • अमेरिकी अधिकारी 200 सदस्यीय सैनिकों की अंतरराष्ट्रीय टीम इस्राइल भेजेंगे।
  • अल-हय्या ने कहा, 'हम अपने लोगों के खिलाफ युद्ध और आक्रामकता को समाप्त करने के लिए समझौते पर पहुंच गए हैं।'
  • ट्रंप प्रशासन और मध्यस्थों ने आश्वासन दिया है कि युद्ध समाप्त हो गया है। हमास और अन्य फलस्तीनी गुट अब स्वतंत्र देश पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
दो साल में 67 हजार लोगों की मौत, अब शांति...
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इस्राइली सेना की इस घोषणा से पहले फलस्तीनियों ने शुक्रवार सुबह उत्तरी गाजा में भारी गोलाबारी की सूचना दी। बता दें कि बीते दो साल में लगभग 67 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अब ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद इस्राइल और हमास के बीच शांति समझौता हुआ है।

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पीएम मोदी ने इस्राइली प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति को दी बधाई
बता दें कि गाजा में ट्रंप की शांति योजना के क्रियान्वयन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इस्राइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू को फोन पर बधाई दी थी। ट्रंप को ऐतिहासिक शांति समझौते की बधाई देने के अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने नेतन्याहू से कहा था कि दुनिया में कहीं भी किसी भी रूप या स्वरूप में आतंकवाद अस्वीकार्य है। 
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क्या है गाजा का अभूतपूर्व मानवीय संकट
बता दें कि गाजा में हमास के लड़ाकों के हमले के बाद सात अक्तूबर, 2023 से ही हिंसक संघर्ष जारी है। हमास के हमले में इस्राइली लोगों की मौत से बौखलाए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को नेस्तनाबूद करने की कसम खाई। उन्होंने लगातार सख्ती दिखाते हुए इस्राइली डिफेंस फोर्स (IDF) को कार्रवाई करने की खुली छूट दी थी। बीते करीब दो साल से जारी गोलाबारी में अब तक 67 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों लोग घायल हुए हैं, जबकि गाजा से लाखों लोगों को विस्थापित होने पर मजबूर होना पड़ा है। गाजा में भुखमरी और अभूतपूर्व मानवीय संकट को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने शांति बहाली पर जोर दिया था। अब शांति समझौते पर अमल होता दिख रहा है।
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