फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

G7: ईरान के खिलाफ लड़ाई में इस्राइल के साथ जी-7 देश; तेहरान को पश्चिम एशिया में अस्थिरता का मूल कारण बताया

Tue, 17 Jun 2025 09:31 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोरंटो

सार

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को अचानक ग्रुप ऑफ सेवन शिखर सम्मेलन से वापस लौट गए। वह तय समय से एक दिन पहले ही वापस लौट गए। दरअसल, इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष तेज होने की वजह से ट्रंप ने यह कदम उठाया। यह पहले से ही तय था। रवाना होने से पहले उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान को तुरंत खाली कर दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
जी-7 की बैठक के लिए कनाडा में मौजूद नेता - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जी-7 देशों ने ईरान के खिलाफ लड़ाई में इस्राइल का खुलकर समर्थन कर दिया है। सोमवार को देर रात जारी एक बयान में जी-7 देशों ने इस्राइल के प्रति समर्थन व्यक्त किया और उसके प्रतिद्वंद्वी ईरान को पश्चिम एशिया में अस्थिरता का मूल कारण बताया। इस बयान में इलाके में शांति और स्थिरता का आह्वान किया गया। ईरान और इस्राइल के बीच हवाई युद्ध बीते शुक्रवार को शुरू हुआ था, जब इस्राइल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे। जवाब में ईरान ने भी इस्राइल पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए थे। इससे इलाके में तनाव और चिंता बढ़ गई है। यहां अक्तूबर 2023 में गाजा पर इस्राइल के सैन्य हमले की शुरुआत के बाद से ही तनाव था।

विज्ञापन


जी7 देशों के नेता वैश्विक दबाव से जुड़े कई मामलों पर चर्चा करने और उनका समाधान निकालने के लिए कनाडा में एकत्र हुए थे। हालांकि,  ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर टकराव की वजह से कार्यक्रम पूरी तरह से बाधित हो गया। इस्राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब और भी खतरनाक और अनियंत्रित होता दिखाई दे रहा है। दोनों देश चार दिन से एक-दूसरे पर बम बरसा रहे हैं।



जी7 के दौरान डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी
जी7 के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने शिखर सम्मेलन में चेतावनी दी कि तेहरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने की जरूरत है, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए। उन्होंने कहा कि ईरानी नेता बातचीत करना चाहेंगे, लेकिन उनके पास अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर एक समझौते पर पहुंचने के लिए पहले से ही 60 दिन थे। इस्राइली हवाई हमले शुरू होने से पहले वे ऐसा करने में विफल रहे। उन्हें एक समझौता करना होगा। 
विज्ञापन


'मुझे वापस जाना है, यह बहुत जरूरी है'
यह पूछे जाने पर कि अमेरिका को सैन्य रूप से संघर्ष में शामिल होने के लिए क्या करना होगा? ट्रंप ने सोमवार सुबह कहा, 'मैं इसके बारे में बात नहीं करना चाहता।' इस बीच ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी कि सभी को तुरंत तेहरान खाली कर देना चाहिए। इसके तुरंत बाद ट्रंप ने शिखर सम्मेलन छोड़ने और मंगलवार की बैठकों से दूरी बनाने का फैसला किया। बैठक में यूक्रेन में चल रहे युद्ध और वैश्विक व्यापार मुद्दों को चर्चा होनी थी। जब ट्रंप ने अन्य G7 नेताओं के साथ एक तस्वीर के लिए पोज दिया तो उन्होंने बस इतना कहा कि मुझे वापस जाना है, यह बहुत जरूरी है।

मार्क कार्नी ने क्या कहा?
मेजबान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा, 'मैं राष्ट्रपति की उपस्थिति के लिए बहुत आभारी हूं और मैं उनकी बात को पूरी तरह समझता हूं।'

फोर्डो यूरेनियम संवर्धन सुविधा पर इस्राइल की नजर
बता दें कि अब तक इस्राइल ने कई ईरानी परमाणु कार्यक्रम स्थलों को निशाना बनाया है, लेकिन वह ईरान की फोर्डो यूरेनियम संवर्धन सुविधा को नष्ट नहीं कर पाया है। यह सुविधा बहुत गहराई में स्थित है। इसे नष्ट करने के लिए इस्राइल को 30,000 पाउंड (14,000 किलोग्राम) के GBU-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर की आवश्यकता पड़ सकती है। यह अमेरिकी बंकर-बस्टिंग बम है, जो अपने वजन और गतिज बल का उपयोग करके गहरे दबे हुए लक्ष्यों तक पहुंचता है। इस्राइल के पास इसे पहुंचाने के लिए आवश्यक गोला-बारूद या बमवर्षक नहीं है। पेनेट्रेटर को वर्तमान में B-2 स्टील्थ बॉम्बर द्वारा पहुंचाया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें