जी7 देशों ने रविवार को मिडिल ईस्ट के कई देशों में आम लोगों और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की। साथ ही, जी7 देशों ने ईरान के हमलों का शिकार हो रहे खाड़ी देशों के प्रति अपना समर्थन जताया है और ईरान को चेतावनी दी है। एक संयुक्त बयान में, जी7 देशों के विदेश मंत्रियों ने यूरोपीय यूनियन के शीर्ष प्रतिनिधियों के साथ मिलकर, इस बढ़ते तनाव से प्रभावित देशों के साथ एकजुटता दिखाई। ईरानी हमले की आलोचना करने वाले देशों में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं।
जी7 देशों ने ईरान को दी चेतावनी
- बयान में कहा गया है कि जी7 समूह ईरान और उसके प्रॉक्सी के गलत हमलों के सामने इस इलाके में अपने साझेदारों का समर्थन करता है। बयान में कहा गया, 'हम यूएनएससी प्रस्ताव 2817 के मुताबिक, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन और इराक में आम लोगों और बुनियादी ढांचों, जिसमें ऊर्जा ढांचे भी शामिल है, पर बिना सोचे-समझे किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।'
- जी7 देशों ने चेतावनी दी कि ईरान की हरकतें न सिर्फ निशाना बनाए गए देशों को खतरे में डालती हैं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा पैदा करती हैं। उन्होंने तेहरान से अपनी सैन्य गतिविधि तुरंत रोकने को कहा।
- बयान में कहा गया, 'ये क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा हैं' और ऐसे सभी हमलों को तुरंत और बिना किसी शर्त के रोकने की अपील की गई।
- इस समूह ने खास समुद्री रास्तों और वैश्विक सप्लाई चेन, खासकर रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा सुनिश्चित करने की अहमियत पर भी जोर दिया।
परमाणु हथियार को लेकर भी जताई चिंता
- जी7 ने कहा कि ईरान को कभी भी न्यूक्लियर हथियार हासिल नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने ईरान से अपना बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम रोकने, इलाके और उससे आगे अपनी अस्थिर करने वाली गतिविधियों को खत्म करने और अपने ही लोगों के खिलाफ भयानक हिंसा और दमन बंद करने की अपील की।
- साथ ही, जी7 ने प्रभावित देशों के ऐसे हमलों से खुद को बचाने के अधिकार पर जोर दिया। बयान में आगे कहा गया, 'हम उन देशों के अधिकार का समर्थन करते हैं जिन पर ईरान या ईरानी प्रॉक्सी ने गलत तरीके से हमला किया है कि वे अपने इलाकों की रक्षा करें और अपने नागरिकों की रक्षा करें। हम उनकी सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए अपने पक्के समर्थन की पुष्टि करते हैं।'
- बयान में कहा गया, 'हम इराक में ईरान और उसके मिलिशिया द्वारा डिप्लोमैटिक सुविधाओं और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर इराकी कुर्दिस्तान क्षेत्र में और अमेरिका और 'काउंटर आईएसआईएस कोएलिशन फोर्स' और इराकी लोगों के खिलाफ किए गए खुलेआम हमलों की निंदा करते हैं।'