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G-20: जी-7 कारोबारी समूह का भारत के जी-20 के विषय को समर्थन, एक धरती एक परिवार को सतत विकास के लिए जरूरी बताया

Tue, 02 May 2023 07:21 AM IST
वीरेंद्र शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

जी-7 दुनिया की सात सबसे बड़ी और उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों का समूह है, जिसमें जापान, इटली, कनाडा, फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और यूरोपीय संघ शामिल हैं
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जी-20 - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दुनिया के सबसे अमीर देशों के समूह जी-7 के कारोबारी अधिकारियों ने भारत की जी-20 थीम ‘एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य’ का समर्थन किया है। इस समूह के कारोबारी अधिकारियों ने कहा है कि सतत विकास हासिल करना जरूरी है जो वैश्विक पर्यावरण सुरक्षा के अनुकूल हो।
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जी-7 दुनिया की सात सबसे बड़ी और उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों का समूह है, जिसमें जापान, इटली, कनाडा, फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और यूरोपीय संघ शामिल हैं। इस माह के अंत में जापान में जी-7 शिखर सम्मेलन की बैठक से पहले 19-20 अप्रैल को टोक्यो में विदेश मंत्रियों का शिखर सम्मेलन भी आयोजित किया। 

महा उपनिषद से लिया गया है जी-20 का विषय
वसुधैव कुटुम्बकम ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ महा उपनिषद के प्राचीन संस्कृत पाठ से लिया गया है। भारत को अध्यक्षता मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे जी-20 का विषय घोषित किया था। भारत की प्राचीन संस्कृति पर आधारित यह विषय जीवन के सभी मूल्य- मानव, पशु, पौधे और सूक्ष्मजीवों का पृथ्वी ग्रह पर और व्यापक ब्रह्मांड में उनकी परस्पर संबद्धता की पुष्टि करता है।
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भारत ने एक दिसंबर, 2022 से 30 नवंबर, 2023 तक एक वर्ष के लिए जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण की। जी-20 शिखर सम्मेलन इस वर्ष 9-10 सितंबर को दिल्ली में होगा।

भारत का आग्रह, साक्ष्य आधारित शोध पर ध्यान लगाएं जी-20 देश
भारत-अमेरिका वार्षिक बायोफार्मा एवं स्वास्थ्य देखभाल शिखर सम्मेलन से पहले, शीर्ष भारतीय अधिकारी अमिताभ कांत ने जी-20 देशों से साक्ष्य-आधारित अनुसंधान पर सहयोग करने और ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया है। भारत के जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने भारत-अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स में कहा, मैं जी-20 सदस्य देशों से आग्रह है कि वे स्वास्थ्य प्रणालियों में तैयारियों को सुनिश्चित करने और अनुकूल वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण करने के लिए साक्ष्य-आधारित अनुसंधान और विश्लेषण पर सहयोग करें।

नए पेंशन सुधार के विरोध में फिर सड़कों पर उतरे लाखों लोग
एक मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के दिन फ्रांस में नए पेंशन सुधारों का विरोध फिर तेज हो गया। देश में सोमवार को कई जगह आयोजित रैलियों में 15 लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। पेरिस सहित करीब 200 शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कई जगह झड़प ने हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनों में 108 पुलिसकर्मी घायल हुए, 291 लोगों को हिरासत में लिया गया। 

जनवरी से जारी है विरोध
फ्रांस में नए कानून के तहत रिटायरमेंट की उम्र 62 से बढ़ाकर 64 वर्ष व पेंशन के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 42 से बढ़ाकर 43 साल कर दी गई है। जनवरी से अब तक दर्जनभर से ज्यादा बार लाखों की संख्या में लोग इसके विरोध में सड़कों पर उतर चुके हैं। अप्रैल में राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने इस पर हस्ताक्षर कर दिए। सितंबर से इसे लागू किया जाना है।
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