फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जी-20 सम्मेलन में बोले जिनपिंग, कोरोना महामारी के खिलाफ वैश्विक जंग की जरूरत

Fri, 27 Mar 2020 02:54 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

अपने देश से दुनियाभर में कोरोना महामारी के फैलने के आरोपों का सामना कर रहे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बृहस्पतिवार इसके खिलाफ वैश्विक जंग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इसने दुनियाभर में अप्रत्याशित स्वास्थ्य संकट उत्पन्न कर दिया है। साथ ही उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था के मंदी में जाने से बचने के लिए कारोबारी बाधाएं खत्म करने और टैरिफ में कटौती का प्रस्ताव किया।

विज्ञापन


कोविड-19 पर बुलाए गए आपातकालीन जी20 सम्मेलन को वीडियो लिंक से संबोधित करते हुए शी ने कहा कि इस महामारी के खिलाफ वैश्विक जंग लड़ने के लिए दुनिया को दृढ़ संकल्प की जरूरत है। यह वायरस सीमाओं को नहीं मानता है। जिस प्रकोप से हम जूझ रहे हैं, वह हमारा सबका दुश्मन है। दुनिया ने ऐसी महामारी पहले कभी नहीं देखी है। इस पर नियंत्रण और इसके उपचार के लिए मजबूत वैश्विक नेटवर्क तैयार करने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा।

शी का यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही उन आलोचनाओं के बीच आई है जिसमें कहा गया है कि चीन अपने वुहान शहर में पिछले साल फैले कोविड-19 महामारी के बारे में दुनिया को समय रहते जानकारी देने में नाकाम रहा। शी ने कहा कि जी20 देशों को इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए तेजी से काम करना होगा। चीन इस महामारी की चपेट में आए देशों की मदद करने को तैयार है। 
विज्ञापन


साथ ही वह इसकी दवा और वैक्सीन तैयार करने और शोध पर संयुक्त रूप से काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चीन ने ऑनलाइन कोविड-19 नॉलेज केंद्र की स्थापना की है। यह केंद्र सभी देशों के लिए खुला हुआ।  वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इस महामारी के असर पर शी ने जी-20 देशों से टैरिफ में कटौती, कारोबार के निर्बाध संचालन के लिए बाधाएं हटाने और सुविधाएं मुहैया कराने का आह्वान किया। 

उन्होंने सभी जी-20 देशों से एकजुट कार्रवाई करने, वैश्विक अर्थव्यवस्था की बहाली के लिए मजबूत संदेश देने को कहा। उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी से बचने के लिए अंतरराष्ट्रीय माइक्रो आर्थिक नीति बढ़ाने को कहा। दुनिया भर में उत्पादन और मांग में गिरावट का जिक्र करते हुए कहा कि देशों को इसके नकारात्मक असर से बचने के लिए अपनी माइक्रो नीति पर समन्वय की जरूरत है। उन्होंने देशों से मजबूत और प्रभावी मौद्रिक और राजकोषीय नीतियों को अमल में लाने को भी कहा। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें