82.1 करोड़ लोग रोज रात को सोते हैं भूखे
संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम प्रमुख डेविड बेस्ले ने कहा कि अब पूरे विश्व में 82.1 करोड़ लोग रोज रात को भूखे सो रहे हैं और 13.5 करोड़ अन्य लोग ‘भुखमरी के संकट या उससे भी बुरे स्तर’ से जूझ रहे हैं। विश्व खाद्य कार्यक्रम के नए आकलन से पता चलता है कि कोविड-19 के चलते 13 करोड़ लोग 2020 के अंत तक भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे।
3 करोड़ लोग जिंदा रहने के लिए हमारे आसरे
डेविड बेस्ले ने कहा, ‘हम करीब 10 करोड़ लोगों को रोजाना भोजन मुहैया करा रहे हैं। इनमें तीन करोड़ लोग ऐसे हैं जो जिंदा रहने के लिए पूरी तरह हम पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन तीन करोड़ लोगों तक पहुंच नहीं बनाई गई, तो तीन माह में हर दिन तीन लाख लोग भूख से मरेंगे।’ इन मरने वालों में वे लोग शामिल नहीं हैं जो कोरोना के चलते बढ़ी भुखमरी से प्रभावित हैं।
इस तरह प्रभावित होंगे विकासशील देश
बेस्ले ने कहा कि बुरी से बुरी स्थिति में करीब 36 देशों में अकाल पड़ सकता है और उनमें से 10 देशों में से हर देश में 10 लाख से ज्यादा लोग पहले से भुखमरी की कगार पर हैं। उन्होंने बताया कि विश्व खाद्य कार्यक्रम को अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, यूरोपीय संघ, जापान और अन्य धनी देशों से मदद मिलती है। लेकिन यदि इन देशों की अर्थव्यवस्था बिगड़ी तो विकासशील देश बुरी तरह प्रभावित होंगे।