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सलाह... आर्थिक मदद से ही टल सकती है भुखमरी’, संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम प्रमुख ने चेताया

Tue, 28 Apr 2020 06:08 AM IST
Rajeev Rai वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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विश्व खाद्य कार्यक्रम - फोटो : social media
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संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम प्रमुख वैश्विक महामारी के इस दौर में दुनिया के सबसे धनी कुछ देशों के नेताओं के साथ फोन पर संपर्क में हैं। वह उन्हें बता रहे हैं कि कोरोना वायरस न सिर्फ उनकी अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है बल्कि कमजोर देशों पर भी बुरा असर छोड़ रहा है। ऐसे में यदि उनकी आर्थिक मदद रोकी या कम की गई तो लाखों लोग भुखमरी का सामना करने को मजबूर हो जाएंगे।

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वैश्विक खाद्य कार्यक्रम प्रमुख डेविड बेस्ले ने कहा है कि वे धनी देशों के नेताओं को बता रहे हैं कि आपूर्ति शृंखला को बरकरार रखना जरूरी है जिसमें कई संभावित बाधाएं हैं। इनमेें निर्यात पर प्रतिबंध, सीमाओं एवं बंदरगाहों का बंद होना, खेत में फसलों का न उपजना और सड़कें बंद होना शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'अगर हमारे पास पैसा और पहुंच हो तो हम सूखे को टाल सकते हैं और भुखमरी से होने वाली मानवता की विनाशकारी मौतों को टाल सकते हैं।

बेस्ले ने कहा, लेकिन अगर हमें आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी या आपूर्ति की कड़ियां बाधित होती हैं तो यह आपदा बन सकती है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भी चेताया था कि जहां कई देश वैश्विक महामारी से निपट रहे हैं वहीं ये देश ‘भुखमरी की कगार पर भी हैं और यदि तत्काल कदम नहीं उठाए तो कुछ महीनों में ही यह बड़े स्तर पर कई अकाल ला सकता है।’

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82.1 करोड़ लोग रोज रात को सोते हैं भूखे
संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम प्रमुख डेविड बेस्ले ने कहा कि अब पूरे विश्व में 82.1 करोड़ लोग रोज रात को भूखे सो रहे हैं और 13.5 करोड़ अन्य लोग ‘भुखमरी के संकट या उससे भी बुरे स्तर’ से जूझ रहे हैं। विश्व खाद्य कार्यक्रम के नए आकलन से पता चलता है कि कोविड-19 के चलते 13 करोड़ लोग 2020 के अंत तक भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे।

3 करोड़ लोग जिंदा रहने के लिए हमारे आसरे
डेविड बेस्ले ने कहा, ‘हम करीब 10 करोड़ लोगों को रोजाना भोजन मुहैया करा रहे हैं। इनमें तीन करोड़ लोग ऐसे हैं जो जिंदा रहने के लिए पूरी तरह हम पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन तीन करोड़ लोगों तक पहुंच नहीं बनाई गई, तो तीन माह में हर दिन तीन लाख लोग भूख से मरेंगे।’ इन मरने वालों में वे लोग शामिल नहीं हैं जो कोरोना के चलते बढ़ी भुखमरी से प्रभावित हैं।

इस तरह प्रभावित होंगे विकासशील देश
बेस्ले ने कहा कि बुरी से बुरी स्थिति में करीब 36 देशों में अकाल पड़ सकता है और उनमें से 10 देशों में से हर देश में 10 लाख से ज्यादा लोग पहले से भुखमरी की कगार पर हैं। उन्होंने बताया कि विश्व खाद्य कार्यक्रम को अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, यूरोपीय संघ, जापान और अन्य धनी देशों से मदद मिलती है। लेकिन यदि इन देशों की अर्थव्यवस्था बिगड़ी तो विकासशील देश बुरी तरह प्रभावित होंगे।
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