फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश में स्कूलों को खुलने की अनुमति दे दी है। मैक्रों ने यह फैसला सैन्य प्रमुखों की उस घोषणा के बाद किया जिसमें कहा गया था कि देश के बच्चों को कोरोना संकट का अतिरिक्त शिकार नहीं बनने देना चाहिए।
पिछले सप्ताह करीब 14 लाख बच्चों के स्कूल वापस लौटने के बाद फ्रांस के 40 हजार स्कूलों और नर्सरी में कोरोना के केवल 70 मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप के 22 राज्यों में स्कूल खुलने के बाद भी कोरोना के मामलों में उछाल नहीं आया है।
फ्रांस ने स्कूल खोलने के साथ कुछ नियम भी अनिवार्य किए हैं। स्कूलों में एक कक्षा में केवल 15 बच्चों को बैठने की इजाजत होगी। बच्चों को फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ बैठने का कहा गया है। शिक्षकों और छात्रों के लिए कक्षा में मास्क पहनना अनिवार्य है। बच्चों को कई बार हाथ धोने की सलाह दी गई है।
फ्रांस में अब धार्मिक स्थलों से भी प्रतिबंध हटाने की मांग की जा रही है। यहां मामलों में कमी को देखते हुए लॉकडाउन में कई प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। वहीं, सोमवार से गैरजरूरी वस्तुओं की दुकानें, कारखाने और अन्य व्यवसाय फिर से शुरू किए गए हैं।
बता दें कि फ्रांस में अभी तक कोरोना वायरस के एक लाख 70 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। यहां अभी भी 89 हजार से ज्यादा सक्रिय मामले हैं। इसके अलावा वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से यहां अभी तक 28 हजार 239 लोगों की मौत हुई है।