फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गाजा में संघर्षविराम लागू करने की मांग की।
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इस्राइल और हमास के बीच जारी संघर्ष को अब ढाई महीने से ज्यादा हो चुके हैं। हालांकि, दोनों ही तरफ से अब तक गाजा पट्टी पर युद्ध जारी है। जहां हमास की तरफ से अब तक इस्राइली बंधकों को नहीं छोड़ा गया है, वहीं इस्राइल की सेना ने भी गाजा से आतंकियों के सफाए के लिए सैन्य अभियान जारी रखा है। इस बीच गाजा पट्टी में हो रही मौतों को लेकर कई देशों ने इस्राइल से एहतियात बरतने की अपील की है। अब इन देशों में एक नाम फ्रांस का भी जुड़ गया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि इस्राइल के आतंक से लड़ने का यह मतलब बिल्कुल नहीं हो सकता कि वह गाजा को तबाह कर दे।
क्या बोले इमैनुएल मैक्रों?
मैक्रों ने कहा, "हम इस विचार को बिल्कुल पनपने नहीं दे सकते कि आतंकवाद के खिलाफ एक कारगर तरीका गाजा को तबाह करना या उसकी नागरिक आबादी को निशाना बनाना है।" उन्होंने इस तरह की प्रतिक्रिया को अनुचित बताते हुए इसे रोकने की अपील की। मैक्रों ने कहा कि सभी तरह की जिंदगियां एक जैसी हैं और हमें उनकी रक्षा करनी चाहिए।
मैक्रों ने इस्राइल के खुद की रक्षा करने और आतंकवाद से लड़ने के अधिकार का भी बचाव किया। हालांकि, उन्होंने सलाह दी कि इस दौरान आम लोगों की सुरक्षा होनी चाहिए और इसके लिए मानवीय आधार पर संघर्षविराम लागू होना चाहिए।
गौरतलब है कि हमास की तरफ से सात अक्तूबर को हुए हमलों में 1150 के करीब इस्राइली नागरिकों की मौत हुई थी। हमास के आतंकियों ने इस दौरान 250 से ज्यादा इस्राइली और अन्य देशों के नागरिकों को बंधक बना लिया था। वहीं, इसकी जवाबी कार्रवाई में इस्राइल ने अब तक आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए गाजा पट्टी पर हमले जारी रखे हैं। इसमें करीब 20,000 से ज्यादा जानें जा चुकी हैं। मृतकों में अधिकतर महिलाएं और बच्चें शामिल हैं।