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फ्रांस: अब ज्यादा उग्र होने की होड़, मेरी ली पेन को अब मिल रही है एरिक जेमॉर से तगड़ी चुनौती

Sat, 05 Jun 2021 11:54 PM IST
सुरेंद्र जोशी डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, पेरिस

सार

फ्रांस में एरिक जेमॉर नए लोकप्रिय नेता बनकर उभरे हैं। वह दक्षिणपंथी नेता मेरी ली को कड़ी चुनौती दे रहे हैं। वह अब उदार नजर आने लगी हैं। 
 
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le pen - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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फ्रांस में अब एक ऐसे नेता का उदय हुआ है, जिसके आगे धुर दक्षिणपंथी नेता मेरी ली पेन उदारवादी नजर आती हैं। पत्रकारिता से राजनीति में आए एरिक जेमॉर इन दिनों आव्रजन, लिंगभेद, इस्लाम और जेंडर संबंधी मुद्दों पर अपनी उग्र टिप्पणियों के कारण चर्चा में हैं। अतीत में कई बार हेट स्पीट (नफरत भरे भाषण) के लिए जेमॉर पर दंड लगाया जा चुका है। लेकिन हाल में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। टेलीविजन कार्यक्रमों में उनकी उग्रवादी टिप्पणियां काफी लोकप्रिय हुई हैं।

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विश्लेषकों का कहना है कि जेमॉर को मिल रही लोकप्रियता इस बात का संकेत है कि फ्रांस के गणराज्यीय उसूलों के प्रति अब देशवासियों में पहले जैसा आकर्षण नहीं रह गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जेमॉर के बयान इतने भड़काऊ होते हैं कि अब कई टीवी चैनल उन कार्यक्रमों की प्री-रिकॉर्डिंग (समय से पहले रिकॉर्ड) करते हैं, जिनमें जेमॉर गेस्ट होते हैं। 

यौन दुराचार के भी आरोप लगे
कुछ दिनों पहले उन पर यौन दुराचरण के भी आरोप लगे, लेकिन उससे उनके समर्थकों पर कोई फर्क नहीं पड़ा। विश्लेषकों का कहना है कि इससे उनको लेकर ध्रुवीकरण और तीखा हो गया है।
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राष्ट्रपति चुनाव में होंगे उम्मीदवार
अब आम कयास लगाए जा रहे हैं कि जेमॉर अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनेंगे। वेबसाइट पॉलिटिको.कॉम में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक इस संभावना से नेशनल रैली पार्टी की नेता मेरी ली पेन इतनी अधिक चिंतित हुईं कि उन्होंने अपने पिता ज्यां मेरी ली पेन को सहायता के लिए बुलाया है। जबकि कुछ वर्ष पहले अपने पिता से उनके गहरे मतभेद हो गए थे और ज्यां मेरी को उन्होंने पार्टी से अलग कर दिया था।

एक इंटरव्यू में ली पेन ने स्वीकार किया कि जेमॉर नेशनल रैली पार्टी को राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में पहले या दूसरे नंबर पर आने से रोक सकते हैं। गौरतलब है कि फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव अक्सर दो चरणों में होता है। अगर पहले चरण में किसी उम्मीदवार को 50 फीसदी से ज्यादा वोट नहीं मिले, तो फिर पहले दो स्थानों पर रहे उम्मीदवारों के बीच दूसरे चरण के मतदान में मुकाबला होता है। 

अब तक पेन की संभावनाएं बेहतर थीं
अब तक ली पेन की संभावनाएं बेहतर मानी जाती रही हैं। जनमत सर्वेक्षणों में उन्हें और मौजूदा राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को लगभग बराबर समर्थन मिलता दिखाया जाता रहा है। लेकिन अब ये आशंका पैदा हुई है कि जेमॉर मेरी ली पेन के वोट आधार में बड़ी सेंध लगा सकते हैँ।

अल्जीरियाई मूल के यहूदी हैं जेमॉर
जेमॉर फ्रांस की राजनीति पर कई किताबें लिख चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों से वे फ्रांस के प्रतिक्रियावादी आंदोलन की एक प्रमुख शख्सियत बन कर उभरे हैं। इस आंदोलन का मकसद फ्रांस की राजनीति पर वामपंथी और उदारवादी ताकतों का वर्चस्व खत्म करना है। 

जेमॉर यहूदी हैं और अल्जीरियाई मूल के हैं। उन्होंने 'द ग्रैंड रिप्लेसमेंट' नाम से एक कॉन्सिपेरेसी थियरी (षडयंत्र के सिद्धांत) को लोकप्रिय बनाया है। इस सिद्धांत के तहत यह प्रचारित किया गया है कि आव्रजक धीरे-धीरे यूरोपियन्स को उनके ही देश में बेदखल करते जा रहे हैं। वे कल्चर वॉर के सिद्धांतकार जॉर्डन पीटरसन की इस राय का भी प्रचार करते रहे हैं कि पश्चिमी समाजों में मर्दानगी की कमी है।

पेन के सपने को चुनौती मिली
विश्लेषकों के मुताबिक इन विचारों को फ्रांस में मिली लोकप्रियता से ये साफ है कि देश का आम झुकाव धुर दक्षिणपंथ की तरफ हो चुका है। सबसे पहले ऐसे विचारों को ज्यां मेरी ली पेन और बाद में उनकी पेटी मेरी ली पेन ने आगे बढ़ाया। लेकिन अब उनसे भी ज्यादा उग्र रुख वाले एक नेता का उभार हो रहा है, जिससे फिलहाल मेरी ली पेन के राष्ट्रपति बनने के सपने के लिए चुनौती पैदा हो गई है।

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