सोशल मीडिया पर इस वक्त एक वीडिया काफी वायरल हो रहा है। जिसमें पाकिस्तान की मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) पार्टी के संस्थापक अल्ताफ हुसैन 'सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा' गाना गा रहे हैं।
इस वीडियो को समाचार एजेंसी एएनआई ने भी पोस्ट किया है। जिसमें दिख रहा है कि हुसैन जोश के साथ भारत के सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले देशभक्ति गीत को गा रहे हैं। हुसैन एक भगोड़े ब्रिटिश पाकिस्तानी हैं। जिन्होंने साल 1990 में ब्रिटेन की सरकार से शरण मांगी थी और बाद में यहां निवासी का दर्जा पा लिया।
माना जाता है कि एमक्यूएम ने पाकिस्तान में कराची में करीब तीन दशक तक सत्ता संभाली है। उनकी पार्टी को उर्दू बोलने वाले मुहाजिरों से काफी समर्थन मिला था। ये 1947 के विभाजन के समय भारत से पाकिस्तान जाने वाले मुसलमानों के वंशज हैं।
हुसैन को जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) का सम्मान करने, तालिबान के विरोध और भारत के साथ विभाजन की आलोचना की खुली वकालत के लिए भी जाना जाता है। वहीं इस देशभक्ति गीत 'सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा' को साल 1904 में कवि मोहम्मद इकबाल ने उर्दू में लिखा था। यह गीत हिंदुस्तान (भारत) के लिए लिखा गया था, जो जल्द ही भारत में ब्रिटिश राज का विरोध करने वाला एक गीत बन गया।
कहा जाता है कि 1930 के दशक में पुणे के यरवदा जेल में कैद होने पर महात्मा गांधी ने इसे सौ बार गाया था। इतने सालों के बाद भी, यह गीत सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले देशभक्ति गीतों में से एक बना हुआ है।