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Iraq: सद्दाम हुसैन सरकार का पूर्व सुरक्षा अधिकारी गिरफ्तार, शिया मौलवी और उनकी बहन को फांसी देने में था शामिल

Sat, 01 Feb 2025 01:34 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बगदाद

सार

एक सुरक्षा अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि गिरफ्तार किया गया अधिकारी सादून सबरी जमील जुमा अल-कैसी, उन पांच लोगों में से एक है, जिन्हें पिछले पांच महीने में हिरासत में लिया गया था। उन पर अल-सदर की हिरासत और फांसी की निगरानी करने का आरोप है।
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गिरफ्तारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इराक की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने शुक्रवार को एक पूर्व उच्च स्तरीय सुरक्षा अधिकारी को गिरफ्तार किया है। उन पर 1980 में सद्दाम हुसैन की सरकार के समय धार्मिक विरोध पर क्रूर कार्रवाई के दौरान एक प्रमुख शिया मौलवी मोहम्मद बाकिर अल-सदर और उसकी बहन को फांसी देने में शामिल होने का आरोप है। 

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मोहम्मद बाकिर अल-सदर एक प्रमुख इराकी शिया मौलवी और राजनीतिक आलोचक थे, जिन्होंने पूर्व इराकी राष्ट्रपति सद्दाम की धर्मनिरपेक्ष बाथिस्ट सरकार का विरोध किया था। ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद उनका विरोध बढ़ गया, जिसने इराक में शिया नेतृत्व वाले विद्रोह के बारे में सद्दाम के डर को बढ़ा दिया। 

1980 में अल-सदर और उनकी बहन को गिरफ्तार किया गया
1980 में, जब सरकार ने शिया कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की, तो अल-सदर और उनकी बहन बिंत अल-हुदा को गिरफ्तार किया गया। बिंत एक धार्मिक विद्वान और कार्यकर्ता थीं, जिन्होंने सरकारी उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई थी। 
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सरकार ने अल-सदर का शव लौटाने से किया था इनकार
रिपोर्ट्स के अनुसार, 8 अप्रैल, 1980 को उन्हें फांसी पर लटकाए जाने से पहले प्रताड़ित किया गया था। सरकार ने उनके शव लौटाने से इनकार कर दिया, क्योंकि उन्हें डर था कि उनकी कब्रें प्रतिरोध के लिए रैली स्थल बन जाएंगी। 

अल-सदर की फांसी ने सद्दाम के खिलाफ शिया विरोध को और बढ़ावा दिया, जिससे आंदोलन तेज हो गए, जिन्होंने बाद में, बाथिस्ट सरकार के पतन में योगदान दिया। 

अल-कैसी पर अल-सदर की फांसी की निगरानी करने का आरोप
एक सुरक्षा अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि गिरफ्तार किया गया अधिकारी सादून सबरी जमील जुमा अल-कैसी, उन पांच लोगों में से एक है, जिन्हें पिछले पांच महीने में हिरासत में लिया गया था। अल-कैसी ने सद्दाम के समय में उच्च पदों पर काम किया था, जिसमें राज्य सुरक्षा के निदेशक और बंदरगाह शहर बसरा के साथ-साथ केंद्रीय शहर नजफ में सुरक्षा निदेशक का पद शामिल था। उन पर अल-सदर की हिरासत और फांसी की निगरानी करने का आरोप है।

सद्दाम सरकार के पतन के बाद सीरिया भाग गया था अल-कैसी
सुरक्षा स्रोत के अनुसार, अल-कैसी 2003 में सद्दाम की सरकार के पतन के बाद, अभियोजन से बचने के लिए 'हज्ज सालेह' उपनाम धारण करके सीरिया भाग गया, लेकिन वह 26 फरवरी, 2023 को इराक लौट आया और फांसी के 44 साल बाद एरबिल में गिरफ्तार किया गया। 

अल-कैसी को हो सकती है मौत की सजा 
इराकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, अल-कैसी को संभावित मौत की सजा का सामना करना पड़ सकता है, और अगले सप्ताह इस पर अंतिम फैसला आने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने उनकी गिरफ्तारी की प्रशंसा की और कहा, 'हम अपराधियों का पता लगाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं, चाहे वे कितने भी लंबे समय से फरार हों।'
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