पाकिस्तान में पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) की रैली को रोके जाने के विरोध में हिंसा फैल गई। इस्लामाबाद में सड़कों पर जमे पीटीआई समर्थकों को पार्टी के प्रमुख और पूर्व पीएम इमरान खान ने अदियाला जेल से संदेश भेजा है। पूर्व पीएम इमरान खान ने कहा कि वे आखिरी सांस तक लड़ें और पीछे न हटें। मेरा पाकिस्तान के लोगों और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कार्यकर्ताओं को सलाम। वह अपने अधिकारों के लिए खड़े हैं और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग ले रहे हैं। वे सच्ची आजादी और न्याय के लिए हमारे देश पर थोपे गए माफिया का मुकाबला कर रहे हैं।
इमरान खान ने कहा कि मेरी टीम के लिए मेरा संदेश है कि आखिरी सांस तक लड़ो। हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। जो लोग अभी तक विरोध मार्च में शामिल नहीं हुए हैं, वे इस्लामाबाद के डी-चौक पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचें और तब तक न हटें जब तक उनकी मांगें पूरी न हो जाएं।
पूर्व पीएम ने कहा कि उन्हें सैन्य अदालत में मुकदमा चलाने की धमकी दी गई थी। सैन्य अदालतों में मुकदमा चलाने की धमकी देने वालों को मेरा साफ संदेश है कि आप जो चाहें करें, मैं अपने रुख से पीछे नहीं हटूंगा। संघीय आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी के आदेश पर रेंजर्स और पुलिस ने पीटीआई कार्यकर्ताओं पर गोलियां चलाईं। इसमें कई नागरिक मारे गए और घायल हुए।
इमरान खान ने कहा कि नकवी को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। सरकार की क्रूरता के बाद भी हमारे कार्यकर्ता न केवल शांतिपूर्ण रहे, बल्कि उन पर हमला करने वाले घायल पुलिस और रेंजर्स कर्मियों को बचाने में भी मदद की। उन्होंने विदेश में रहने वाले पाकिस्तानियों को भी धन्यवाद दिया जो अपने-अपने देशों में समर्थन जुटा रहे हैं। धन भेज रहे हैं और ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन आयोजित कर रहे हैं।
खान ने कहा कि दुनिया भर में हमारे सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि हमारी मांगों को आगे बढ़ाएं और पाकिस्तान में हो रहे अन्याय को उजागर करें। वहीं पाकिस्तान सरकार के मंत्री नकवी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों से कोई बातचीत नहीं की जाएगी और सरकार इस्लामाबाद को उनसे खाली करवाएगी।
यह है मामला
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सरकार पर चुराए गए जनादेश, लोगों की अन्यायपूर्ण गिरफ्तारी और 26वें संशोधन के पारित होने की निंदा करते हुए 24 नवंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। मंगलवार को इस्लामाबाद के लिए जा रही रैली को रोकने के दौरान शुरू हुई झड़पों में अब तक सुरक्षाबलों के छह जवानों की मौत हो चुकी है। बताया गया है कि इस हिंसा में 100 से ज्यादा जवान घायल भी हुए हैं। इन हालात के बीच पाकिस्तान सरकार ने अब इस्लामाबाद में सेना को तैनात कर दिया है और उसे उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश भी दे दिए हैं।
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