फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pervez Musharraf Death: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का निधन, दुबई के अस्पताल में ली अंतिम सांस

Sun, 05 Feb 2023 11:27 PM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

Pervez Musharraf Death: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का निधन हो गया। पाकिस्तान मीडिया ने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है।
विज्ञापन
परवेज मुशर्रफ का निधन - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का निधन हो गया है। पाकिस्तान मीडिया के हवाले से यह खबर सामने आई है। मुशर्रफ लंबे समय से बीमार चल रहे थे और दुबई के अस्पताल में उनका इलाज किया जा रहा था। उन्होंने 79 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। मुशर्रफ अमाइलॉइडोसिस बीमारी से जूझ रहे थे।

विज्ञापन


पाकिस्तान ले जाया जाएगा परवेज मुशर्रफ का पार्थिव शरीर 
इस बीच, जानकारी मिली है कि पूर्व सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ के पार्थिव शरीर को दफनाने के लिए पाकिस्तान ले जाया जाएगा। जियो न्यूज के मुताबिक, परवेज मुशर्रफ के परिजनों ने उनके पार्थिव शरीर को पाकिस्तान ले जाने के लिए दुबई में पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास में एक आवेदन दायर किया है। मुशर्रफ को कराची के कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। उनके पारिवारिक सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की।



रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुशर्रफ के पार्थिव शरीर को वापस पाकिस्तान लाने के लिए एक विशेष सैन्य विमान नूर खान एयरबेस से दुबई के लिए उड़ान भरेगा। दुबई में पाकिस्तान के महावाणिज्य दूतावास ने उनके शरीर को पाकिस्तान वापस भेजने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया है। महावाणिज्यदूत हसन अफजल खान ने बताया कि 'हम उनके परिवार के संपर्क में हैं और वाणिज्य दूतावास हर संभव मदद करेगा। 
विज्ञापन



दिल्ली में  हुआ था परवेज मुशर्रफ का जन्म
बता दें कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ का जन्म 11 अगस्त 1943 को दिल्ली के दरियागंज इलाके में हुआ था। 1947 में भारत विभाजन के कुछ दिन पहले ही उनका पूरा परिवार पाकिस्तान जाने का फैसला किया था। उनके पिता पाकिस्तान सरकार में काम करते थे।

1998 में परवेज मुशर्रफ जनरल बने
बता दें कि साल 1998 में परवेज मुशर्रफ जनरल बने। उन्होंने भारत के खिलाफ कारगिल जैसे युद्ध की साजिश रची। लेकिन भारत के बहादुर सैनिकों ने उनकी हर चाल पर पानी फेर दिया। अपनी जीवनी ‘इन द लाइन ऑफ फायर - अ मेमॉयर' में जनरल मुशर्रफ ने लिखा कि उन्होंने कारगिल पर कब्जा करने की कसम खाई थी। लेकिन नवाज शरीफ की वजह से वो ऐसा नहीं कर पाए।

मुशर्रफ पर लगा था राजद्रोह का आरोप
1999 से 2008 तक पाकिस्तान पर शासन करने वाले 78 वर्षीय जनरल मुशर्रफ पर उच्च राजद्रोह का आरोप लगाया गया था और 2019 में संविधान को निलंबित करने के लिए मौत की सजा दी गई थी। बाद में उनकी मौत की सजा को निलंबित कर दिया गया था। 2020 में लाहौर उच्च न्यायालय ने मुशर्रफ के खिलाफ नवाज शरीफ सरकार द्वारा की गई सभी कार्रवाइयों को असंवैधानिक घोषित कर दिया था, जिसमें उच्च राजद्रोह के आरोप पर शिकायत दर्ज करना और एक विशेष अदालत के गठन के साथ-साथ इसकी कार्यवाही भी शामिल थी। 

नवाज शरीफ ने बनाया था सेनाध्यक्ष, उन्हें ही सत्ता से कर दिया बेदखल
1998 में रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने परवेज मुशर्रफ को सेना प्रमुख बनाया था। लेकिन एक साल बाद ही 1999 में जनरल मुशर्रफ ने नवाज शरीफ का तख्तापलट कर दिया और पाकिस्तान के तानाशाह बन गए। उनके सत्ता संभालते ही नवाज शरीफ को परिवार समेत पाकिस्तान छोड़ना पड़ा था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें