पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने चेतावनी दी है कि ‘इस समय जो हो रहा है, वह देश के लिए अच्छा नहीं है।’ उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के खिलाफ चलाए जा रहे दमन के कारण पार्टी से इस्तीफों का सिलसिला जारी है। इससे दबाव में आए इमरान खान ने शुक्रवार को यू-ट्यूब स्ट्रीमिंग के जरिए देश को संबोधित किया। इसमें उन्होंने चेतावनी दी कि देश अराजकता की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार को सलाह दी कि वह तुरंत बातचीत शुरू कर मसले का हल निकाले।
पाकिस्तान के हालात से वाकिफ विश्लेषकों ने इमरान खान की इस आशंका से सहमति जताई है कि पाकिस्तान के हालात बहुत खराब हैं और ये रोज बदतर होते जा रहे हैं। उनके मुताबिक जिस समय देश गहरे आर्थिक संकट में है, उस समय राजनीतिक अशांति का दौर शुरू हो जाने से देश के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
नौ मई के बाद से इमरान खान के हजारों समर्थकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बेगम के देश से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है। इस बीच सरकारी दमन से परेशान अनगिनत नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनमें बड़ी संख्या ऐसी है, जिन्होंने राजनीति से ही संन्यास लेने की घोषणा की है। नौ मई को इमरान खान को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद देश भर में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। उस दौरान खासकर सेना के ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
कई बड़े नेताओं के अलावा मध्य स्तर के दर्जनों नेता भी पीटीआई से अपने को अलग कर चुके हैं। यू-ट्यूब स्ट्रीमिंग में इमरान खान ने आरोप लगाया कि इन लोगों पर पीटीआई छोड़ने का दबाव डाला गया, ताकि पार्टी को खत्म किया जा सके। खान ने सैन्य ठिकानों पर हमले से खुद को अलग करते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, ताकि यह पता चल सके असल में हमलों में कौन शामिल था।
इमरान खान ने आगाह किया है कि पीटीआई अब भी देश में सबसे लोकप्रिय पार्टी है और उसके खिलाफ जारी कार्रवाई के कारण उसकी लोकप्रियता बढ़ती ही जा रही है। उन्होंने दावा किया कि देश में जब कभी चुनाव होंगे, उनकी पार्टी उसमें बड़े बहुमत के साथ जीतेगी।
इस बीच गृह मंत्री राना सनाउल्लाह ने बताया है कि पीटीआई के गिरफ्तार हजारों समर्थकों में से 33 को सेना के हाथों सौंप दिया गया है, जिन पर सैनिक अदालत में आर्मी एक्ट के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये 33 वो लोग हैं, जो नौ मई को ‘संवेदनशील रक्षा प्रतिष्ठानों में घुस गए थे।’ सनाउल्लाह ने कहा कि उनकी राय में सारे घटनाक्रम के योजनाकार इमरान खान थे, इसलिए वे भी उन लोगों की श्रेणी में आते हैं, जिन पर आर्मी एक्ट के तहत मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
पर्यवेक्षकों के मुताबिक सनाउल्लाह के बयान से स्पष्ट हो गया है कि सरकार का इरादा इस घटनाक्रम में सीधे इमरान खान को घेरने का है, ताकि उन्हें देश में राजनीतिक प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाए।