पाकिस्तान के सत्तारूढ़ गठबंधन ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री रहते हुए इमरान खान ने विदेशी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा उपहार में दी गई अधिकांश वस्तुओं को तोशाखाना से 'मुफ्त' लिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तोशाखाना विवाद के संबंध में पाकिस्तान के चुनाव के पास दायर एक याचिका के अनुसार अपदस्थ प्रधानमंत्री ने जिन वस्तुओं को घर ले गए थे उनमें से केवल कुछ वस्तुओं के लिए ही उन्होंने भुगतान किया।
बिना भुगतान किए तोशाखाना से उपहार ले गए इमरान - पीडीएम
पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया है कि क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान ने तोशाखाना से अधिकांश सामान बिना भुगतान के ले गए। उन्होंने कथित तौर पर खुद से लिए गए उपहारों का खुलासा नहीं किया और अपने बयानों में जानकारी छुपाई।
पाकिस्तान के कानून के मुताबिक, किसी विदेशी राज्य के गणमान्य व्यक्तियों से प्राप्त कोई भी उपहार स्टेट डिपॉजिटरी या तोशाखाना में रखा जाना चाहिए। यदि राज्य का मुखिया उपहार को अपने पास रखना चाहता है तो उसे इसके मूल्य के बराबर राशि का भुगतान करना होगा। यह एक नीलामी की प्रक्रिया के जरिए तय किया जाता है।
ये उपहार या तो तोशाखाना में जमा रहते हैं या नीलाम किए जा सकते हैं और इसके माध्यम से अर्जित धन को राष्ट्रीय खजाने में जमा किया जाता है।
पीएमएल-एन का आरोप- इमरान खान ने दुबई में बेचे उपहार
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान को पद से हटाने के तुरंत बाद इस साल अप्रैल में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुलासा किया था कि खान ने 'कानून का उल्लंघन' करके तोशाखाना के उपहार दुबई में बेचे, जिसमें हीरे आभूषण सेट, कंगन और कलाई घड़ियां भी शामिल थीं, जिनकी कीम 140 मिलियन रुपये थी।
चुनाव आयोग ने इस संबंध में खान को नोटिस जारी करते हुए उन्हें 18 अगस्त को सुनवाई के लिए बुलाया है।
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता मोहसिन शाहनवाज रांझा ने चुनाव आयोग में खान के खिलाफ एक अलग मामले में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने इमरान खान की संपत्ति की घोषणा में तोशाखाना से प्राप्त उपहारों के बारे में जानकारी का खुलासा नहीं करने के लिए पाकिस्तान के संसद सदस्य के रूप में उन्हें अयोग्य घोषित करने की मांग की।
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, खान ने मित्र खाड़ी देशों के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा उपहार में दी गई तीन महंगी घड़ियों की बिक्री से 36 मिलियन रुपये कमाए थे।
तोशाखाना विवाद को लेकर अप्रैल में इमरान खान ने कहा था कि वे उनके उपहार हैं, इसलिए यह उनकी मर्जी है कि उन्हें अपने पास रखना है या नहीं। उन्होंने कहा था- 'मेरा तोहफा, मेरी मर्जी'।