जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को कहा कि वह अब केवल सैन्य प्रतिष्ठान के साथ बातचीत करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि 'कठपुतली' पीएमएल-एन सरकार के साथ बातचीत करना ही बेकार है।
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और उनके खिलाफ कई मामले चल रहे हैं। 2022 में उनके नेतृत्व वाली सरकार गिरी, जिसके बाद से ये मामले चल रहे हैं।
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इमरान खान ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, कठपुतली पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सरकार से कोई बातचीत करना बेकार है। यह फॉर्म-47 के जरिए बनाई गई अवैध सरकार पहले ही दो महीने बर्बाद कर चुकी है। झूठ के जरिए सत्ता से चिपके रहना इसका एकमात्र मकसद है। इसके पास असली ताकत नहीं है।
उन्होंने लिखा, बात सिर्फ उन्ही लोगों होगी जिनके पास असली ताकत है (यानी सैन्य प्रतिष्ठान) और वह भी सिर्फ देशहित में होगी। मुझे मुश्किलों से डर नहीं लगता है, क्योंकि मेरा हौसला अब भी मजबूत है।
खान ने दावा किया कि उनके और पीटीआई नेताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे करना, जबरदस्ती उठाना और दबाव में बयान दिलवाना..ये सब इसलिए किया जा रहा है, ताकि लोग पार्टी से अलग हो जाएं और पार्टी के नेता जनता के सामने पीटीआई से किनारा कर लें।
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उन्होंने कहा, इन सब बातों से स्पष्ट है कि देश में अब कानून का कोई असर नहीं बचा है। अब यहां जंगल का कानून है। खान इस समय कड़ी सुरक्षा वाली अदियाला जेल में बंद हैं। उन्होंने कहा कि 9 मई 2023 की घटनाओं से जुड़े बेबुनियाद मुकदमा एक बार फिर से शुरू हो गए हैं।
उन्होंने कहा, नौ मई को लेकर एक झूठा अभियान अभियान चलाया गया था। आज तक कोई सीसीटीवी फुटेज पेश नहीं किया गया है और बीते दो वर्षों में यह साबित हो गया है कि इसका एकमात्र मकसद पीटीआई को कुचलना था।