नेपाल के दो बार पीएम रहे वरिष्ठ राजनेता तुलसी गिरी का मंगलवार को निधन हो गया। परिवार ने बताया कि 93 वर्षीय तुलसी लिवर कैंसर से लंबे समय से जूझ रहे थे। गिरी के निधन पर प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने दुख जताया। पीएम ने ट्वीट में कहा, ‘मैं पूर्व प्रधानमंत्री तुलसी गिरी के निधन के बारे में जानकर बहुत दुखी हूं। उनके परिवार और परिजनों के प्रति मैं संवेदना व्यक्त करता हूं।’
गिरी की हाल ही में अस्पताल से छुट्टी हुई थी। साल 1926 में सिराहा जिले में जन्मे गिरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत नेपाली कांग्रेस पार्टी से की थी। वह पार्टी में महासचिव पद तक पहुंचे थे। गिरी पंचायती राज के प्रबल समर्थक थे। 1962 में जब तत्कालीन राजा महेंद्र शाह ने पंचायती व्यवस्था लागू की तब गिरी को मंत्रियों के परिषद् का वाइस चेयरमैन बनाया गया।
गिरी 1975 और 1977 में किंग बीरेंद्र बीर बिक्रम शाह के शासनकाल में दो बार प्रधानमंत्री रहे। 1990 में पंचायती व्यवस्था और राजशाही के पूर्ण रूप से खत्म होने के बाद गिरी नेपाल छोड़कर श्रीलंका चले गए। इसके बाद वब 2005 में नेपाल लौटे। पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी गिरी के निधन पर दुख व्यक्त किया।