भ्रष्टाचार और सरकारी अराजकता के चलते प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने को मजबूर हुए ओली पहले भी भ्रामक बयान दे चुके हैं और जेन-जी आंदोलन को लेकर भारत पर भी निशाना साध चुके हैं। आंदोलन के बाद पहली बार सामने आने पर ओली ने अपनी गलती स्वीकार करने की जगह भारत पर तमाम आरोप मढ़े थे।
नेपाल के अपदस्थ प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने शनिवार को एक बार फिर से सार्वजनिक रूप से बयान देते हुए कहा कि उन्होंने जेन जी प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश नहीं दिया। ओली ने भक्तपुर जिले के गुंडू क्षेत्र में अपने निजी आवास पर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, प्रदर्शनकारियों पर ऑटोमेटिक बंदूकों से गोलियां चलाई गईं, जो पुलिस के पास नहीं थीं, और मामले की जांच की मांग की।
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उन्होंने बताया कि जेन जी प्रदर्शनकारियों के नाम पर हुई आगजनी और तोड़फोड़ में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई। उन्होंने घुसपैठियों को देश की स्थिति बिगाड़ने का जिम्मेदार ठहराया। ओली ने आरोप लगाया कि जेन जी आंदोलन में घुसपैठ हुई, जिससे वास्तविक प्रदर्शनकारियों को अलग कर दिया गया। उन्होंने कहा, मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि नई पीढ़ी के लोगों ने सिंघा दरबार और मुख्य सरकारी सचिवालय परिसर को आग नहीं लगाई होगी। एजेंसी
विभिन्न मुद्दों को लेकर भारत पर साध चुके हैं निशाना
भ्रष्टाचार और सरकारी अराजकता के चलते प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने को मजबूर हुए ओली पहले भी भ्रामक बयान दे चुके हैं और जेन-जी आंदोलन को लेकर भारत पर भी निशाना साध चुके हैं। आंदोलन के बाद पहली बार सामने आने पर ओली ने अपनी गलती स्वीकार करने की जगह भारत पर तमाम आरोप मढ़े थे। ओली ने कहा था कि अयोध्या, भगवान राम के जन्म, कालापानी और लिपुलेख जैसे मुद्दों पर अड़े रहने की वजह से उनकी सरकार को निशाना बनाया गया है।