यूक्रेन युद्ध के कारण लगे प्रतिबंधों के कारण जो कंपनियां रूस में अपना कारोबार समेट कर चली गईं, उनमें मैकडॉनल्ड भी है। लेकिन अब एक बार फिर से रूस के लोग मैकडॉनल्ड जैसे बर्गर और अन्य खाद्यों का मजा उठाने लगे हैं। बीते रविवार को मैकडॉनल्ड के 15 रेस्तरां नए ब्रांड नाम के साथ खुल गए। अब इस रेस्तरां श्रृंखला के मालिक एलेक्जेंडर निकोलेविच हैं। रेस्तरा का नाम- व्कुस्नो एंड तोचका रखा गया है। इसका अर्थ होता है, स्वादिष्ट और सिर्फ स्वादिष्ट।
कंपनी ने बताया है कि मैकडॉनल्ड कंपनी के लगभग 62 हजार पूर्व कर्मचारियों को उसने भी नौकरी पर रख लिया है। नई कंपनी ने ब्रांड को लॉन्च करने के लिए रूस के राष्ट्रीय दिवस का चुनाव किया। समारोह मास्को के पुश्किनस्काया चौक पर हुआ। इसी जगह पर मैकडॉनल्ड ने 1990 में अपना पहला रेस्तरां खोला था। पहले दिन 30 हजार से ज्यादा लोग नए रेस्ताओं में आए।
साल 1990 में मैकडॉनल्ड कंपनी के रूस में प्रवेश को एक बड़ी घटना समझा गया था। कम्युनिस्ट सोवियत संघ में इसे अमेरिकी ढंग के उपभोक्तावाद का प्रवेश माना गया था। विश्लेषकों ने इसे सांस्कृतिक परिवर्तन की एक मिसाल बताया था। नई कंपनी के वाणिज्य विभाग के प्रमुख एलेक्सी एलेक्सीविच ने कहा- ’32 साल पहले जब मैकडॉनल्ड ने अपना पहला रेस्तरां यहां खोला, तब पुश्किनस्काया चौराहे पर बड़ी संख्या में लोग आए थे। तब यहां आने के लिए एक तरह का जुनून देखा गया था। मेरी राय में नए उद्यमी के स्वामित्व में कुल रहे रेस्तराओं के लिए जुनून अब उससे भी ज्यादा है।’
बीते मार्च तक मैकडॉनल्ड के रूस में तकरीबन 850 रेस्तरां थे। यूक्रेन युद्ध के बाद जब पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगा दिए, तो इस अमेरिकी कंपनी ने यहां कारोबार बंद करने का फैसला किया। बताया जाता है कि नए मालिक को उसने 1.4 बिलियन डॉलर में अपना सारा कारोबार बेच दिया। अमेरिकी विश्लेषकों ने इस घटना को 1990 में शुरू हुए ट्रेंड की समाप्ति के रूप में देखा है।