विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहिद हुसैन से मुलाकात की। अगस्त में शेख हसीना सरकार की सरकार के तख्ता पलट के बाद यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं।
बैठक के बाद मीडिया से क्या बोले विदेश सचिव
बैठक के बाद मिस्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'बांग्लादेश में इस साल अगस्त में राजनीतिक बदलाव के बाद निश्चित रूप से हमारे नेतृत्व के बीच संपर्क बना रहा है। प्रधानमंत्री पहले ऐसे वैश्विक नेता थे, जिन्होंने बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार को उनके पदभार संभालने पर बधाई दी। इसके बाद दोनों के बीच एक बहुत ही सौहार्दपूर्ण टेलीफोन बातचीत हुई। इसके बाद मुख्य सलाहकार ने प्रधानमंत्री के निमंत्रण को स्वीकार करते हुए वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ सम्मेलन में भाग लिया। उसके बाद विदेश मंत्री और विदेश सलाहकार के बीच भी संपर्क बना रहा। वे इस साल सितंबर में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर मिले थे।'
'आज की चर्चा संबंधों का मूल्यांकन करने का अवसर'
उन्होंने आगे कहा, मेरा यह दौरा उन संपर्कों के बाद हो रहा है और यह दोनों देशों के बीच उन घटनाक्रमों के बाद विदेश सचिव स्तर की बातचीत का पहला अवसर है। विदेश सचिव ने कहा, आज की चर्चा ने हम दोनों को अपने संबंधों का मूल्यांकन करने का अवसर दिया है और मुझे आज यह अवसर मिलने पर खुशी है कि मैंने अपने सभी वार्ताकारों के साथ ईमानदार, स्पष्ट और रचनात्मक तरीके से विचारों का आदान-प्रदान किया।
विदेश सचिव ने पहले बांग्लादेशी समकक्ष से की मुलाकात
मिस्री भारतीय वायु सेना के विमान से आज सुबह ढाका पहुंचे। ढाका पहुंचने के बाद उन्होंने बांग्लादेश के विदेश सचिव मोहम्मद जशीम उद्दीन से निजी तौर पर मुलाकात की। इसके बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों की औपचारिक बैठक हुई।
हसीना सरकार के गिरने के बाद पहला उच्च स्तरीय दौरा
शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद यह किसी भारतीय अधिकारी का पहला उच्च स्तरीय बांग्लादेश दौरा है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, यह मुलाकात हमारे विदेश सचिव जशीम उद्दीन और विक्रम मिस्री के बीच तय समय पर हो रही है। पहले उन्होंने एक-दूसरे से व्यक्तिगत तौर पर बातचीत की और फिर दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों की औपचारिक बैठक हुई। अधिकारी ने बताया कि इस मुलाकात के बाद मीडिया ब्रिफिंग हुई, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की गई।
मिस्री के दौरे से पहले विदेश सलाहकार हुसैन ने क्या कहा था
मिस्री के दौरे से पहले विदेश सलाहकार ने रविवार को उम्मीद जताई थी कि बांग्लादेश और भारत पिछले कुछ महीने से जिन समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उन्हें सुलझा लेंगे। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि हम इस गतिरोध को समाप्त करने में सफल होंगे। आपसी संवाद स्थापित करना और एक-दूसरे से मिलना बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा था कि पांच अगस्त के बाद बांग्लादेश और भारत के संबंधों में बदलाव आया है और दोनों पक्षों को नए हालातों को स्वीकार करते हुए संबोधों को आगे बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए।
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