अफगानिस्तान, पाकिस्तान और चीन के विदेश मंत्रियों ने शनिवार को राजधानी काबुल में व्यापार, विकास और देश में 17 साल से चल रहे संघर्षों को खत्म करने पर व्यापक चर्चा की। बैठक में आतंकवाद का मुद्दा छाया रहा। तीन पड़ोसी देशों के बीच यह ऐसी दूसरी बैठक है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान अपनी सीमाओं पर सक्रिय तालिबान और अन्य आतंकवादी समूहों से लड़ने में नाकाम रहने के लिए लंबे समय से एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। बैठक में आतंकवाद का मुद्दा जोरशोर से उठा। तीनों देशों ने इस बात को माना कि हिंसा का शांतिपूर्ण हल ही हमारी अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद और जरूरी है।
इस मौके पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि इस्लामाबाद अफगानिस्तान के साथ नए सिरे से रिश्ते की शुरुआत करना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘एक दूसरे पर आरोप लगाना छोड़ दोनों देशों को अब आगे बढ़ने की जरूरत है।
दोनों मुल्कों के अच्छे भविष्य के लिए हमें एक साथ मिलकर काम करना चाहिए। अगर अफगानिस्तान चाहता है कि पाकिस्तान दोस्ती का हाथ बढ़ाए तो उसे पाकिस्तान पर उंगलियां उठाना बंद करना चाहिए।’